करोड़ों खर्च के बाद भी पूरा नहीं हो पाया शहरी जलापूर्ति फेज-टू परियोजना, क्या इस तरह हर घर नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य पूरा होगा।

 

Water supply project: शहरी जलापूर्ति फेज-टू परियोजना पर डीएमएफटी से मोटी रकम खर्च की जा रही है।

Water supply project परियोजना का निर्माण कार्य नगर विभाग की एजेंसी जूडको को दिया गया है। जूडको के टेंडर में बेल्ली रत्ना सोरठिया इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड नामक कंपनी को काम मिला है। बेल्ली रत्ना सोरठिया इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड नामक कंपनी से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि जिस वक्त टेंडर हुआ था

चतरा,सं। शहरी जलापूर्ति फेज-टू की परियोजना महीनों से लंबित पड़ा हुआ है। वैसे परियोजना का निर्माण से जुड़ा हुआ सत्तर प्रतिशत से अधिक काम हो चुका है। लेकिन विडंबना यह है कि अब तक जलस्रोत तय नहीं हो पाया है। जलापूर्ति कहां या फिर किस डैम से होगी, यह स्पष्ट नहीं है। शहरी जलापूर्ति फेज-टू का निर्माण जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट के रुपयों से हो रहा है। डीएमएफटी से इसके लिए 54 करोड़ रुपये का आवंटन उपलब्ध कराया गया है। योजना का निर्माण कार्य नवंबर 2021 तक पूरा हो जाना था। स्थिति को देखते हुए छह महीनों का अवधि विस्तार किया गया है। जिसमें करीब पांच महीनों का समय बीत चुका है। शेष बचे एक महीना में परियोजना को पूरा होने की दूर-दूर तक संभावना नहीं दिख रही है।

डहुरी डैम से पानी देने से इनकार के बाद आई दिक्कत

परियोजना का निर्माण कार्य नगर विभाग की एजेंसी जूडको को दिया गया है। जूडको के टेंडर में बेल्ली रत्ना सोरठिया इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड नामक कंपनी को काम मिला है। बेल्ली रत्ना सोरठिया इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड नामक कंपनी से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि जिस वक्त टेंडर हुआ था, उस वक्त सदर प्रखंड के डहुरी डैम से जलापूर्ति के लिए स्रोत निर्धारित किया गया था। हजारीबाग जल पथ प्रमंडल के अंतर्गत आने वाला डहुरी डैम से बाद में पानी देने से इंकार कर दिया। जिसके बाद जूडको और संबंधित निर्माता कंपनी की परेशानी बढ़ी हुई है। नगर विकास विभाग के वरीय अधिकारी इटखोरी स्थित बक्सा जलाशय से पानी का आपूर्ति के लिए कोशिश कर रहे हैं। लेकिन अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। बक्सा जलाशय बरही पथ प्रमंडल के अंतर्गत है। जब तक जल स्रोत तय नहीं किया जाएगा, तब तक 54 करोड़ रुपये का इस परियोजना का लाभ मिलना संभव नहीं है।

दो लाख आबादी को मानक पर तैयार की गई योजना

शहरी जलापूर्ति फेज-टू परियोजना पर डीएमएफटी से मोटी रकम खर्च की जा रही है। 54 करोड़ रुपये की इस परियोजना का लाभ दो लाख आबादी को दिलाने के मानक पर तैयार की गई है। शहर के सभी 22 वार्डों के साथ-साथ निकटवर्ती आठ गांवों के कुल बारह हजार घरों को इससे जोड़ा गया है। शहर के अलावा निकटवर्ती गांवों में जयपुर, कठौतिया, पाराडीह, देवरिया, तपेज, वभने, पाराडीह, जीतनी मोड़ एवं एक अन्य गांव शामिल है।

जब तक जल स्रोत तय नहीं होता है, तब तक परियोजना का पूरा होने की उम्मीद नहीं है। नगर विकास विभाग के अधिकारी लगातार कोशिश में जुटे हुए हैं कि बक्सा जलाशय से एनओसी मिल जाए। परियोजना का 70 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।

सुदेश कुमार, उपाध्यक्ष, नगर परिषद, चतरा।