आचार्य महाश्रमण ने सात वर्षों की अपनी पदयात्रा से दुनिया को दिखाया अहिंसा का मार्गः पीएम मोदी

 

मोदी ने अहिंसा यात्रा संपूर्णता समारोह कार्यक्रम को किया संबोधित। (फाइल फोटो)

पीएम ने अहिंसा यात्रा संपूर्णता समारोह कार्यक्रम के दौरान कहा कि काल के थपेड़ों ने कैसी भी मुसीबत पेश की हों लेकिन हमारे देश की परंपरा हजारों वर्षों की तरह ही चलती रही है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां आचार्य वही बना है जिसने चरैवेति चरैवेति का मंत्र दिया है।

नई दिल्ली, एएनआइ। भारत हजारों वर्षों से ऋषि, मुनी और आचार्यों की एक महान परंपरा की धरती रही है। यह बात प्रधानमंत्री मोदी ने अहिंसा यात्रा संपूर्णता समारोह कार्यक्रम के दौरान कही। पीएम ने कहा कि काल के थपेड़ों ने कैसी भी मुसीबत पेश की हों लेकिन यह परंपरा वैसी ही चलती रही है। हमारे यहां आचार्य वही बना है जिसने चरैवेति चरैवेति का मंत्र दिया है। पीएम ने बताया कि आचार्य महाश्रमण जी ने 7 वर्षों में 18000 किमी. की पदयात्रा की जिसमें शांति का पाठ पढ़ाया गया है।

जहां अहिंसा वहीं एकता, जहां एकता वहीं श्रेष्ठता

पीएम ने अहिंसा यात्रा संपूर्ण होने पर सभी योगी और आचार्य को बधाई दी। पीएम ने कहा कि आचार्य ने दुनिया के कई देशों में जाकर ये बताया है कि जहां अहिंसा वहीं एकता होती है और जहां एकता होती है वहीं श्रेष्ठता आती है।

पदयात्रा ने देश के 20 राज्यों को एक विचार से जोड़ा

पीएम ने बताया कि आचार्य श्री महाश्रमन जी की पदयात्रा दुनिया के 3 देशों की पदयात्रा थी। इसके जरिए आचार्य जी ने वसुधैव कुटुंबकम के भारतीय विचार को विस्तार दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस पदयात्रा ने देश के 20 राज्यों को एक विचार, प्रेरणा से जोड़ा है।

दांडी यात्रा से सवा सौ गुना ज्यादा यात्रा की

बता दें कि आचार्य महाश्रमण अब तक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की दांडी यात्रा से सवा सौ गुना ज्यादा और पृथ्वी की परिधि से सवा गुना पैदल सफर तय कर चुके हैं। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने लाखों लोगों को नैतिकता और नशा मुक्ति की प्रतिज्ञा भी कराईं। आचार्य ने तीन देश भारत, नेपाल और भूटान में अपनी पदयात्रा को पूरा किया है।