दिल्ली के विजय चौक पर कांग्रेस सांसदों का प्रदर्शन, पुलिस पर लगाया मारपीट का आरोप

 

सिल्वर लाइन प्रोजेक्ट के खिलाफ कांग्रेस के सांसदों का प्रदर्शन (फोटो- एएनआइ)

Silver Line Project सिल्वर लाइन प्रोजेक्ट के खिलाफ केरल के कांग्रेस सांसदों ने दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसदों ने दिल्ली पुलिस पर उनके साथ मारपीट का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों का खंडन किया है।

नई दिल्ली, एएनआइ। केरल में सिल्वर लाइन प्रोजेक्ट पर रार और बढ़ गई है। केरल के कांग्रेस सांसदों ने दिल्ली में विजय चौक पर इस प्रोजेक्ट के खिलाफ प्रदर्शन किया है। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने केरल की पिनरई विजयन सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। प्रदर्शनकारी सांसद विजय चौक से संसद की तरफ जा रहे थे। तभी दिल्ली पुलिस के सिपाहियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और सांसदों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।

दिल्ली पुलिस पर मारपीट का आरोप

कांग्रेस सांसदों ने दिल्ली पुलिस के जवानों पर उनके साथ मारपीट का आरोप लगाया है। सांसदों ने कहा कि वह सिल्वर लाइन प्रोजेक्ट के खिलाफ विजय चौक से संसद तक मार्च निकाल रहे थे। तभी दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान उनकी पिटाई भी की गई। सांसद के. सुरेश, डीन कुरियाकोस और वीके श्रीकंदन ने अपने साथ मारपीट का आरोप लगाया है।

पुलिस ने किया मारपीट से इनकार

हालांकि, दिल्ली पुलिस ने सांसदों के आरोपों को खारिज किया है। मौके पर स्थिति को संभालने वाले एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस बैरियर को पार करने की कोशिश कर रहे लोगों की पहचान को लेकर कुछ भ्रम था। पुलिस ने उन्हें रोका और फिर बाद में जाने दिया। मामला सुलझा लिया गया है। उन्होंने सांसदों के साथ मारपीट के आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि विरोध के कारण उन्हें रोक दिया गया और जब उन्होंने अपनी पहचान बताई तो हमने उन्हें जाने दिया। कोई मारपीट नहीं की गई।

कांग्रेस का आरोप- सीपीएम और भाजपा एकसाथ

वहीं, कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने प्रोजेक्ट को लेकर भाजपा पर सीपीएम के साथ मिलने का आरोप लगाया है। उन्होंने ये भी कहा कि पीएम मोदी इसे अपनी मंजूरी देंगे। उन्होंने कहा कि हम केरल के लोगों की चिंता पर गौर करने के लिए और केरल के सीएम को रोकने की कोशिश करने की पीएम से मांग कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि सीपीएम और भाजपा इस परियोजना में एक साथ होंगे और पीएम अपनी सहमति देंगे। उन्होंने कहा ये प्रोजेक्ट जनविरोधी है।

क्या है सिल्वर लाइन प्रोजेक्ट?

केरल की एलडीएफ सरकार 2019 में सिल्वर लाइन प्रोजेक्ट लेकर आई थी। इस रेलवे प्रोजेक्ट की लागत लगभग 65 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है। 529 किलोमीटर लंबी सिल्वर लाइन रेलवे परियोजना दक्षिण में तिरुवनंतपुरम को उत्तरी केरल के कासरगोड से जोड़ेगी। ये प्रोजेक्ट 11 जिलों से होकर गुजरेगा। रेल प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद लोगों का काफी समय बचेगा, 12 घंटे का सफर चार घंटे में पूरा हो सकेगा।

कांग्रेस क्यों कर रही विरोध?

कांग्रेस का कहना है कि इस प्रोजेक्ट के कारण हजारों लोग बेघर हो जाएंगे। इससे पर्यावरण पर भी काफी बुरा असर पड़ेगा। राज्य के ज्यादातर लोगों में प्रोजेक्ट को लेकर डर है। केरल आर्थिक रूप से कमजोर राज्य है और ऐसे में ये परियोजना व्यवहारिक नहीं है।