कोरोना से मौत के मुआवजे का दावा करने की समय सीमा तय, झूठे दावों की भी होगी जांच; सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को निर्देश

 

मुआवजा राशि के निपटारे के लिए समय सीमा तय

देश में हुई कोरोना से मौतों पर संबंधित करीबी परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह मुआवजा राशि को आए आवेदनों को अब 60 दिनों के अंदर निपटाना होगा। इसके अलावा आगे आने वाले आवेदनों को 90 दिनों के अंदर देना होगा।

नई दिल्‍ली (एएनआई)। सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में कोरोना से मरने वालों के परिजनों को मुआवजा राशि देने के लिए 60 दिन का समय तय किया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि अब तक जिन लोगों ने इसके लिए आवेदन दिया है उनको आवेदनों को 60 दिनों के अंदर निपटा दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने अपने आदेश में आगे कहा है कि आगे इस मुआवजा राशि के लिए आवेदन करने वालों को 90 दिनों के अंदर आवेदन करना होगा। आपको बता दें कि कोरोना से हुई मौतों पर 50 हजार रुपये की  अनुग्रह मुआवजा राशि देने का प्रावधान है।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को इस संबंध में आए झूठे आवेदनों की जांच करने की भी जिम्‍मेदारी दे दी है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि केंद्र देश के चार राज्‍यों में आए आए पांच फीसद आवेदनों की जांच कर सकता है, क्‍योंकि इन राज्‍यों से आए आवेदन और यहां हुई कोरोना से मौतों के मामलों में काफी अंतर है। इनमें आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्‍ट्र और केरल का नाम है।  

आपको यहां पर ये भी बता दें कि देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान सबसे अधिक लोगों की मौत हुई थी। दूसरी लहर के दौरान हर रोज आने वाले नए मामलों का आंकड़ा भी साढ़े चार लाख के ऊपर चला गया था। हालांकि तीसरी लहर में भी हर रोज आने वाले मरीजों का आंकड़ा इतना ही गया था। लेकिन तीसरी लहर दूसरी लहर की तुलना में कम रही थी। भारत की ही बात करें तो यहां पर कोरोना की वजह से पांच लाख से अधिक लोगों की जान अब तक गई है।