नई वाहन कबाड़ नीति के खिलाफ हड़ताल की चेतावनी, इससे केवल वाहन निर्माताओं को फायदा

 


Delhi News: वाहन परिमार्जन नीति एक अप्रैल से लागू होगी।

Delhi News केंद्र सरकार 10 से 15 साल पुराने वाहनों को खत्म कर परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों की आजीविका को नष्ट करने की योजना बना रही है। इससे साफ जाहिर है कि ‘सरकार आटोमोबाइल क्षेत्र के बड़े कारोबारियों को ही फायदा पहुंचा रही है आम लोगों की नहीं।

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। दिल्ली-एनसीआर परिवहन एकता मंच ने केंद्र की नई कबाड़ नीति के खिलाफ एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की धमकी दी। साथ ही सरकार और उसकी नीति के खिलाफ ‘चक्का-जाम’ का आह्वान किया है। आरोप लगाया कि इससे सिर्फ वाहन निर्माताओं को फायदा होगा। बता दें कि वाहन परिमार्जन नीति एक अप्रैल से लागू होगी। सरकार ने कहा है कि यह नीति अनुपयुक्त और प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने और एक परिपत्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में मदद करेगी।

केंद्रीय बजट 2021-22 में घोषित, नीति में निजी वाहनों के लिए 20 साल बाद फिटनेस परीक्षण का प्रविधान है, जबकि वाणिज्यिक वाहनों को 15 साल पूरे होने के बाद इसकी आवश्यकता होगी। ट्रांसपोर्ट यूनियनों की संस्था दिल्ली एनसीआर ट्रांसपोर्ट एकता मंच द्वारा प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में मंच के महासचिव श्याम सुंदर ने कहा कि ‘अनुचित’ स्क्रैपिंग नीति करोड़ों लोगों को प्रभावित करेगी।

करीब 30 करोड़ लोग परिवहन व्यवसाय से जुड़े हैं। केंद्र सरकार 10 से 15 साल पुराने वाहनों को खत्म कर परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों की आजीविका को नष्ट करने की योजना बना रही है।’ उन्होंने कहा, ‘सरकार आटोमोबाइल क्षेत्र के बड़े कारोबारियों को ही फायदा पहुंचा रही है, आम लोगों की नहीं।

उन्होंने कहा, ‘ट्रांसपोर्ट यूनियनों के कई प्रतिनिधिमंडलों ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया है कि अगर लगता है कि पुराने वाहनों से प्रदूषण होता है तो उसे पूरे वाहन को स्क्रैप करने के बजाय कार में सीएनजी इंजन के रूप में एक विकल्प प्रदान करना चाहिए।