दिल्ली में लोग बना रहे हैं निजी चार्जिंग स्टेशन, सरकार से मिल रही छूट का आप भी उठाएं भरपूर फायदा

 

एक माह में बीएसईएस के क्षेत्र में स्थापित हुए 20 स्टेशन

सरकार के प्रयास से दिल्ली में ई वाहनों की संख्या बढ़ी है। सीएनजी वाहनों से ज्यादा ई वाहनों का पंजीकरण हो रहा है। यदि चार्जिंग की परेशानी दूर हो जाए तो इनकी संख्या और बढ़ेगी। अधिकारियों का मानना है कि निजी चार्जिंग स्टेशन से वाहन मालिकों की परेशानी दूर होगी।

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। ई वाहन चालकों के सामने सबसे बड़ी समस्या चार्जिंग की है। इस समस्या को दूर करने के लिए सरकारी स्तर पर कई कदम उठाए गए हैं। बिजली वितरण कंपनियों (डिस्काम) के साथ मिलकर भी चार्जिंग स्टेशन शुरू किए जा रहे हैं। निजी चार्जिंग स्टेशन बनाने की प्रक्रिया आसान करने के साथ ही छूट भी दी जा रही है। इसका लाभ उठाते हुए बीएसईएस के बिजली वितरण क्षेत्र में लगभग एक माह के अंदर 20 निजी चार्जिंग स्टेशन खुल गए हैं।

दिल्ली में बढ़ी है ई-वाहनों की संख्या

सरकार के प्रयास से दिल्ली में ई वाहनों की संख्या बढ़ी है। सीएनजी वाहनों से ज्यादा ई वाहनों का पंजीकरण हो रहा है। यदि चार्जिंग की परेशानी दूर हो जाए तो इनकी संख्या और बढ़ेगी। अधिकारियों का मानना है कि निजी चार्जिंग स्टेशन से वाहन मालिकों की परेशानी दूर होगी। लोगों को घर के नजदीक चार्जिंग की सुविधा मिल जाएगी। इसे बढ़ावा देने के लिए पहले 30 हजार चार्जिंग स्टेशन पर दिल्ली सरकार छह हजार रुपये सब्सिडी देने की घोषणा की है।

इन जगहों पर बना सकते हैं चार्जिंग स्टेशन

राजधानी में लोग अपने घर, दुकान, क्लब, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के कार्यालय, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी आदि में ई चार्जिंग स्टेशन बना सकते हैं। इसके लिए एकल खिड़की सुविधा शुरू की है जिससे कि आवेदक को किसी तरह की परेशानी न हो।

मात्र साढ़े चार रुपये प्रति यूनिट मिलेगी बिजली

चार्जिंग स्टेशन के लिए मात्र साढ़े चार रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी। चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए उस क्षेत्र में बिजली आपूर्ति करने वाली डिस्काम की वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। वहां दिए गए लिंक पर आवेदक के अपने बिजली कनेक्शन का सीए (उपभोक्ता अकाउंट) नंबर डालना होगा। उसके बाद ई चार्जर लगाने कंपनियों में से एक कंपनी का चयन करना होगा।

एक सप्ताह में शुरू होगा काम

संबंधित कंपनी एक सप्ताह के अंदर आवेदक से संपर्क कर चार्जिंग स्टेशन लगाने का काम शुरू कर देगी। तीन साल की गारंटी भी मिलेगी। अगर कोई सिर्फ अपने लिए चार्जिंग स्टेशन लगाना चाहता है तो वह अपने घर की बिजली का प्रयोग कर सकता है, लेकिन कोई व्यवसाय के तौर पर दूसरे के वाहन चार्ज करके पैसा कमाना चाहता है तो उसे व्यवसायिक मीटर लगवाना होगा।