अर्थ ऑवर: सबके लिए अपनी धरती को बेहतर बनाने का अवसर

 

विश्व भर में एक घंटे के लिए एक साथ बत्तियों को बंद करना एकमात्र बड़ा अवसर

अर्थ आवर 2022 हम में से प्रत्येक को जैवविविधता का संरक्षण और पोषण करने तथा विनाशकारी आपदाओं को समय रहते रोकने की अपील करने की शक्ति देता है। यह नागरिकों की अपील है इसमें सरकार की किसी भी कार्यवाही से बढ़कर निजी तौर पर कदम उठाने की जरूरत है।

रकृति के संरक्षण के प्रति कर्नाटक के बेंगलुरु के 9 वर्ष के अधृत प्रदीप का एक जुनून है। वह मानते हैं कि छोटे से छोटे जीव का भी इस पृथ्वी पर एक प्रयोजन है। विश्व के सबसे बड़े उपवन और रॉयल बंगाल टाइगर को शरण देने वाले एक मात्र उपवन पर्यावास को नया जीवन देने के लिए, पश्चिम बंगाल के सुंदरवन में 40 वर्षीय उमाशंकर मंडल ने उपवन के 6.5 लाख पौधे लगाए हैं।

बेंगलुरु की 23 वर्ष की साक्षी एम. कृष्णा ने जलवायु नीति में संकटग्रस्त समूहों, सुविधा वंचित महिलाओं और स्थानीय लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक सामाजिक उपक्रम 'माई अर्थ' का गठन किया। अधृत, उमाशंकर और साक्षी पूरे भारत के लिए संरक्षण नायक हैं, जिनके जलवायु परिवर्तन को रोकने के जोशपूर्ण कार्य अर्थ ऑवर 2022 की थीम - 'अपना भविष्य संवारिए' का प्रेरणा स्रोत हैं।

आज जब भारत स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे कर रहा है, हम भारत में अर्थ आवर का उत्सव इस वर्ष एक स्थायी भविष्य का मार्ग दिखाने वाले पर्यावरण के अनाम नायकों में से कई नायकों का सम्मान करते हुए मना रहे हैं। हर वर्ष मार्च के आखिरी शनिवार को, अर्थ ऑवर विश्व का ध्यान हमारी पृथ्वी और उसके प्राकृतिक पर्यावासों के स्वास्थ्य की ओर आकृष्ट करता है। पर्यावरण की सुरक्षा की आवश्यकता पर बल देने हेतु लगभग 190 से अधिक देशों के लोग व जनता स्वेच्छा से अनावश्यक बत्तियों को पूरे एक घंटे के लिए बंद कर देते हैं। विश्व भर में एक घंटे के लिए एक साथ बत्तियों को बंद करना एकमात्र बड़ा अवसर है, जो अपने संदेश में आसान, समावेशी और शक्तिशाली है। मार्च, 2007 में अपनी शुरुआत के समय से, अर्थ आवर ने जलवायु परिवर्तन संरक्षण को बल देने में सहायता और सुधार करने की प्रेरणा दी है, जो आज समस्त विश्व में चर्चा का केंद्र है।

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अर्थ आवर की सुंदरता उस सहजता में छिपी है, जिससे विश्व के किसी भी कोने से कोई 8 वर्षीय बालक और कोई 80 वर्षीय वृद्ध भाग ले सकता है, अपने दैनिक कार्यों पर पुनर्विचार कर सकता है और इस अमूल्य पृथ्वी पर एक हल्का फुटप्रिंट छोड़ने के लिए जीवन शैली में छोटे, कदम-दर-कदम परिवर्तन कर सकता है।

बीते दो वर्षों के दौरान विश्वव्यापी घातक महामारी ने निस्संदेह पर्यावरण को तबाह कर डाला है, जिसका घातक परिणाम मानव जाति पर पड़ा है। बीते कुछ वर्षों में पर्यावरणीय आपदाओं ने अपने परिणाम के रूप में मृत्यु और विनाश का चिह्‌न छोड़ा है, जिसके फलस्वरूप लाखों लोग जलवायु शरणार्थी हो चले हैं। इस वर्ष एक युद्ध छिड़ चला है, जिसके परिणाम हमें अभी देखने हैं।

अर्थ आवर 2022 हम में से प्रत्येक को जैवविविधता का संरक्षण और पोषण करने तथा विनाशकारी आपदाओं को समय रहते रोकने की अपील करने की शक्ति देता है। यह नागरिकों की अपील है, इसमें सरकार की किसी भी कार्यवाही से बढ़कर निजी तौर पर कदम उठाने की जरूरत है। यह पर्यावरण की दृष्टि से एक अनुकूल जीवनशैली अपनाने में हमारी सहायता के लिए सरल किंतु प्रभावकारी विकल्पों का चयन करने का हम सभी को एक अवसर प्रदान करता है। यहां कुछ सुझाव प्रस्तुत हैं, जिन्हें आप पर्यावरण अनुकूल जीवन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए अपना सकते हैं।

दैनिक जीवन में छोटे-छोटे परिवर्तन संतोषजनक प्रभाव छोड़ सकते हैं, यदि लोग छोटा परिवर्तन करने की ठान लें। जहां भी संभव हो, सार्वजनिक परिवहन से जाएं - कार्य पर स्थानीय ट्रेन, बस से जाएं या सहकर्मियों के साथ वाहन साझा करें। पानी बचाएं और वर्षा का पानी एकत्र करें, जल संरक्षण तंत्र लगाएं और ऊर्जा-सक्षम उपकरणों का उपयोग करें। अपनी रसोई के कूड़े की खाद बनाएं, और कूड़े-कचरे की छंटाई करें। पेपर टिशू के बदले कपड़े के नैपकिनों का उपयोग करें, माहवारी के कप और कपड़े के दोबारा प्रयोग किए जाने वाले सैनिटरी पैडों का उपयोग करें, टॉयलेट और घर की साफ-सफाई में रासायनिक पदार्थों से मुक्त सामानों का उपयोग करें। जहां तक संभव हो, पदार्थों का पुनर्चक्रण कर उनका फिर से उपयोग करें और खरीददारी के लिए अपना थैला साथ ले जाएं। स्थानीय और मौसमी पदार्थ खाएं। जहां भी लगा सकें पेड़ लगाएं। अपने स्थानीय नेचर क्लब से जुड़ें, नागरिक-प्रेरित पर्यावरणीय कायक्रमों में स्वेच्छा से भाग लें, विशाल खुले मैदानों का आनंद लें और सतत व अनुकूल जीवन की खूबसूरती को अपनाएं।

26 मार्च की शाम, जब हम अर्थ आवर का उत्सव मनाएंगे, तो विश्व में लाखों परिवार शाम के 8 बजकर 30 मिनट पर बत्तियां बंद करेंगे। क्या आप सहायता करने के लिए हम से जुड़ेंगे और इस पृथ्वी पर 'अपना भविष्य संवारिए' कार्यक्रम में सहायता करेंगे?