सिविल सेवा परीक्षा में अतिरिक्त मौका देना संभव नहीं, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी

 

सिविल सेवा परीक्षा उम्मीदवारों की याचिका पर केंद्र का विरोध (फाइल फोटो)

कोरोना के कारण UPSC परीक्षा में शामिल नहीं हो सके उम्मीदवारों ने सुप्रीम कोर्ट से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने याचिका दायर कर परिक्षा देने के लिए अतिरिक्त प्रयास की मांग रखी है जिसका केंद्र सरकार ने विरोध किया है।

नई दिल्ली, एएनआई: कोविड-19 महामारी के दौरान सिविल सेवा मेन्स परीक्षा में शामिल नहीं हो सके उम्मीदवारों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने कोर्ट में याचिका दायर कर परिक्षा देने के लिए अतिरिक्त प्रयास की मांग रखी है, जिसका केंद्र सरकार द्वारा विरोध किया जा रहा है। सरकार का तर्क है कि इस याचिका को स्वीकार करने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इस तरह की मांगे देश भर में कराई गई अन्य परिक्षाओं को लेकर भी उठ सकती हैं।

केंद्र ने अपने बयान में कहा है कि इस तरह की याचिकाएं अन्य उम्मीदवारों की संभावनाओं को भी प्रभावित करेगी। जो मौजूदा प्रावधानों के अनुसार परिक्षा के पात्र हैं। क्योंकि इससे उम्मीदवारों की संख्या में वृद्धि होगी और इससे पूरे देश में आयोजित अन्य परीक्षाओं के उम्मीदवारों द्वारा भी इसी तरह की मांग उठाए जाने की आशंका रहेगी।