दिल्ली में सौर ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा, सरकार बनाएगी नई 'सौर ऊर्जा नीति'

 

पांच वर्षों में 25 सौ मेगावाट का रखा गया है लक्ष्य

2022 Delhi Budget दिल्ली सरकार नई सौर ऊर्जा नीति बनाएगी जिससे कि सोलर पैनल लगाने के काम में तेजी आ सके। सरकार की कोशिश राजधानी में बिजली की कुल मांग का दस प्रतिशत सौर ऊर्जा से मिल सके।

नई दिल्ली surender Aggarwal । दिल्ली में बढ़ रही बिजली की मांग को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा पर ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 25 सौ मेगावाट सौर ऊर्जा के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए दिल्ली सरकार नई सौर ऊर्जा नीति बनाएगी जिससे कि सोलर पैनल लगाने के काम में तेजी आ सके। सरकार की कोशिश राजधानी में बिजली की कुल मांग का दस प्रतिशत सौर ऊर्जा से मिल सके। पिछले कुछ वर्षों से दिल्ली में सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2015 तक दिल्ली में सोलर पैनल से ऊर्जा उत्पादन की क्षमता मात्र सात प्रतिशत थी। सरकार ने वर्ष 2016 में सौर ऊर्जा नीति लेकर आई और वर्ष 2025 तक दो हजार मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके लिए घरों व अन्य इमारतों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। सरकारी स्कूलों, धार्मिक स्थलों में भी सोलर पैनल लगाए गए हैं। दिल्ली देहात में सोलर फार्मिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

नेट मीटरिंग के तहत उपभोक्ता छत पर लगे सोलर पैनल से मिलने वाली बिजली का उपयोग कर सकते हैं। बची हुई बिजली ग्रिड में चली जाती है और उसका पैसा उन्हें मिलता है। यदि कोई उपभोक्ता ग्रिड मेें बिजली नहीं देना चाहता है तो वह उसे अपने घर में ही बैटरी में स्टोर करके जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल कर सकता है।सरकार के इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। दिल्ली सरकार के बजट के अनुसार राजधानी में सौर ऊर्जा की क्षमता नौ सौ मेगावाट पहुंच गई है। अगले पांच वर्षों में 16 सौ मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाए जाएंगे जिससे कि लक्ष्य को हासिल किया जा सके।

दिल्लीवासियों को मिलता रहेगा मुफ्त बिजली का लाभ

मुफ्त बिजली का लाभ दिल्लीवासियों को मिलता रहेगा। अरविंद केजरीवाल सरकार ने वर्ष 2015 में प्रति माह दो सौ यूनिट बिजली की खपत करने वाले उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली देने के लिए जीरो पावर बिल योजना शुरू की थी। वहीं, 201 से 400 यूनिट तक बिजली की मासिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं को भी बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट जाती है। इससे 75 प्रतिशत घरों में बिजली बिल शून्य आ रहे हैं। वर्ष 2022-23 के बजट में बिजली सब्सिडी के लिए 3,250 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है।

सरकार का मानना है कि इस योजना से ऊर्जा संरक्षण में मदद मिल रही है। उपतभोक्ताओं के हित में और ऊर्जा संरक्षण के लिए इस योजना को आगे भी जारी रखने का फैसला किया गया है। इसके साथ ही 1984 के सिख विरोधी दंगे के पीड़ितों को प्रति माह चार सौ यूनिट बिजली पर 100 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। इसी तरह से दिल्ली के सभी कृषि उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन पर सब्सिडी मिलती है। दिल्ली में 24 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है।

ईस्ट दिल्ली आरडब्ल्यूए ज्वाइंट फ्रंट के अध्यक्ष वीएस वोहरा ने कहा कि सौर ऊर्जा दिल्ली की जरूरत है। इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार को सोलर पैनल लगाने के लिए कुछ सब्सिडी की घोषणा करनी चाहिए। इससे लोग प्रेरित होंगे और लक्ष्य हासिल करने में आसानी होगी। मुफ्त बिजली योजना को जारी रखना स्वागतयोग्य कदम है। उपभोक्ताओं को स्थायी शुल्क में भी कुछ राहत देनी चाहिए।