विश्व बाजार पर कब्जे के लिए यूक्रेन और रूस को लड़ा रहा अमेरिका, IIT (ISM) प्रबंध विभाग के पूर्व एचओडी ने कह दी बड़ी बात

 

सेमिनार में बोलते डा. प्रमोद पाठक ( फोटो जागरण)।

Ukraine Russia War डॉ पाठक ने कहा कि मनुष्य की सत्ता और शक्ति प्राप्त करने की लालसा ही युद्ध को जन्म देती है। अमेरिका की विश्व बाजार पर कब्जा की नीति ने विश्व शांति को काफी हद तक प्रभावित किया। जारी इस युद्ध से वैश्विक अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी।

 संवाददाता,धनबाद। रूस यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग को लेकर पूरी दुनिया सहमी हुई है। दोनों देशों के बीच छिड़ा युद्ध कब विश्व युद्ध में बदल जाए इसे लेकर वैश्विक चिंतन शुरू हो चुका है। इस बीच आइआइटी आइएसएम के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ प्रमोद पाठक ने रूस और यूक्रेन युद्ध के विश्वयुद्ध में बदलने के अटकलों पर विराम लगा दिया है। उनका कहना है कि रूस यूक्रेन युद्ध विश्व युद्ध में नहीं बदलेगा। डॉ पाठक सोमवार को गोविंदपुर के आर एस मोर कॉलेज में आयोजित सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। सेमिनार का विषय था रूस यूक्रेन युद्ध तीसरे विश्वयुद्ध की संभावना।

विश्व बाजार पर कब्जा चाहता अमेरिका

डॉ पाठक ने कहा कि मनुष्य की सत्ता और शक्ति प्राप्त करने की लालसा ही युद्ध को जन्म देती है। अमेरिका की विश्व बाजार पर कब्जा की नीति ने विश्व शांति को काफी हद तक प्रभावित किया। वर्तमान में जारी इस युद्ध से वैश्विक अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी। आने वाला समय भयावह है। दोनों देशों के बीच युद्ध मामले में भारत ने कमोबेश सही स्टैंड लिया है। आने वाले 10 15 दिन निर्णायक हैं।

संयुक्त राष्ट्र की विफलता के कारण युद्ध

कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ प्रवीण सिंह ने कहा कि छोटे मुद्दों पर देश का अतार्किक व्यवहार अंतरराष्ट्रीय समुदाय को युद्ध की आग में झोंक देता है। संयुक्त राष्ट्र की विफलता भी युद्ध का एक कारण है। अमेरिका की कूटनीति की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका का दूसरे देशों में हस्तक्षेप की नीति काफी हद तक जिम्मेदार है। अजीत, डॉ अवनीश मौर्य, अनुपमा, वैभव कुमार, डॉ कुहेली बनर्जी डॉ रत्ना कुमार डॉ श्याम किशोर सिंह, डॉ स्नेह लता तिर्की, प्रोफेसर अवनीश कुमार, प्रोफेसर तरुण कांति खलखो, डॉ अमित प्रसाद, डॉ सूर्यनाथ सिंह, त्रिपुरारी कुमार समेत अन्य शामिल थे।