रूस-यूक्रेन की जंग में मोहरा बना अंतरिक्ष स्‍पेस स्‍टेशन, रोस्‍कोस्‍मोस ने दी धमकी प्रतिबंध न हटने पर क्रैश हो सकता है ISS

 

रूस ने दी धमकी कहा- तो नष्‍ट हो जाएगा आईएसएस

रूस और यूक्रेन के बीच की जंग अब तीसरे सप्‍ताह में चल रही है। इस बीच रूस पर अमेरिका और पश्चिमी देशों ने बेहद कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। ऐसे में रूस ने आईएसएस को लेकर धमकी दे दी है।

मास्‍को (एएफपी)। रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग में अब अंतरिक्ष स्‍पेस स्‍टेशन पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। रूस लगातार अपने ऊपर लगे कड़े प्रतिबंधों को लेकर न सिर्फ आगाह कर रहा है बल्कि वो अब धमकी तक देने लगा है। रूस इस जंग को जीतने और पश्चिमी देशों समेत अमेरिका पर दबाव बनाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार दिखाई दे रहा है। 

इसी कड़ी में उसने धमकी दी है कि उसके खिलाफ लगे पश्चिमी देशों और अमेरिका के प्रतिबंध अंतरराष्‍ट्रीय स्‍पेस स्टेशन (Internation Space Station) के दुर्घटनाग्रस्त होने का कारण बन सकते हैं। रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस के प्रमुख ने चेतावनी दी, दंडात्मक उपायों को उठाने का आह्वान किया है। आपको बता दें कि जब से रूस और यूक्रेन के बीच जंग शुरू हुई है तभी से अंतरराष्‍ट्रीय अंतरिक्ष स्‍टेशन को लेकर सवाल उठ रहे ह

इससे पहले रूस की अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा था कि आईएसएस इन हालातों में भारत या चीन पर गिर भी सकता है।  पश्‍चिमी देशों और अमेरिका के लगातार बढ़ते प्रतिबंधों के बीच रूसी अंतरिक्ष एजेंसी ने रोस्‍कोमोस ने इस बात के भी संकेत दिए हैं कि वो आने वाले समय में अपना स्‍पेस स्‍टेशन तक स्‍थापित कर सकता है। हालांकि इस काम में उसको कुछ समय जरूर लग जाएगा। इस बीच रूस की समाचार एजेंसी तास ने ये भी बताया है कि अंतरिक्ष स्‍टेशन की ऊंचाई को बढ़ा दिया गया है।

बता दें कि अंतर‍िक्ष स्‍टेशन में रूस की अहम भागीदारी रही है। अमेरिका इसके संचालन में रूस का सहयोग लेता रहा है। वहीं अमेरिका और रूस समेत दूसरे देशों के अंतरिक्ष यात्री इस स्‍टेशन का हिस्‍सा बनते आए हैं। गौरतलब है कि रूस ने यूक्रेन पर 24 फरवरी को हमला किया था। इसके बाद से लगातार रूस यूक्रेन में बमबारी कर रहा है। बीते कुछ दिनों से रूस ने यूक्रेन के कई शहरों में जबरदस्‍त हवाई हमले किए हैं। इनमें कई लोगों की मौत हो गई है। 

एएफपी के मुताबिक रूस की सेना कीव से अ‍ब अधिक दूर नहीं रह गई है। वहीं यूक्रेन के प्रमुख बंदरगाह वाले शहर मारियुपोल पर भी रूस के जबरदस्‍त हमले जारी हैं। इन हमलों से बचने के लिए लगातार लोग यूक्रेन से भाग रहे हैं। पड़ोसी देशों में अब तक यूक्रेन के करीब 20 लाख शरणार्थी पहुंच चुके हैं। हर रोज इनकी गिनती बढ़ती ही जा रही है।