केवाइसी अपडेट कराने के नाम पर SBI के ग्राहकों से ठगी, 23 शख्स गिरफ्तार

 

देशभर में फैला रखा था ठगी का जाल, दिल्ली पुलिस की सातों टीमों ने एक साथ छापेमारी कर दबाेचा

गिरोह के सभी आरोपितों के काम अलग-अलग थे। आरोपित एसबीआइ की फर्जी बेवसाइट व फर्जी एप पर ग्राहकों से केवाइसी अपडेट कराने बहाने नेट बैंकिंग क्रेडेंशियल हासिल कर लेते थे और उनके खाते से पैसा निकाल लेते थे।

नई दिल्ली,  संवाददाता। स्टेट बैंक आफ इंडिया (एसबीआइ) के ग्राहकों के साथ ठगी करने वाले गिरोह का दिल्ली पुलिस की इंटेजीलेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक आपरेशन्स (आइएफएसओ) भडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में 23 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के सभी आरोपितों के काम अलग-अलग थे। आरोपित एसबीआइ की फर्जी बेवसाइट व फर्जी एप पर ग्राहकों से केवाइसी अपडेट कराने के बहाने नेट बैंकिंग क्रेडेंशियल हासिल कर लेते थे और उनके खाते से पैसा निकाल लेते थे।

देश भर में 800 से ज्यादा लोगों से ठगी

पुलिस ने आरोपितों के पास से 58 मोबाइल फोन, 12 लेपटाप, 20 डेबिड कार्ड और 202 सिम कार्ड बरामद किया है। पुलिस की अब तक की जांच में यह पता लगा है कि आरोपितों द्वारा देशभर में 800 से अधिक लोगाें के साथ लाखों की ठगी की गई है। फिलहाल पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर रही है।

केवाइसी अपडेट करने के बहाने ठगा

डीसीपी केपीएस मल्होत्रा के मुताबिक, एसबीआइ के ग्राहकों के द्वारा विभिन्न शिकायतें नियमित रूप से प्राप्त हो हुई, जिसमें यह पता चला कि पीड़ितों को एसबीआइ के एप पर केवाइसी अपडेट करने के बहाने ठगा गया। मामले में एसबीआइ प्रबंधन से संपर्क डाटा मांगा गया और विस्तृत जांच शुरू की गई। शुरुआती जांच के दौरान 100 शिकायतें मिली, जिसमें 51 शिकायतें दिल्ली से संबंधित थी। बाद में आगे की जांच में कुल 820 पीड़ितों के बारे में जानकारी मिली।

अलग-अलग सात स्थानों पर की छापेमारी

मामले की जांच के लिए एसीपी रमन लांबा के देखरेख में इंस्पेक्टर उदय, संजीव सोलंकी, अरुण त्यागी के नेतृत्व में सात टीमों को गठन किया गया। जांच के दौरान पीड़ितों काे आरोपितों द्वारा भेजे गए लिंक व मोबाइल काल का विश्लेषण गया। साथ ही आरोपितों के बैंक खातों की जानकारी निकाली गई तो पता चला कि आरोपित अलग-अलग शहरों में रहकर बहुत ही व्यवस्थित तरीके से ठगी कर रहे हैं। आरोपितों के ठिकाने की पहचान करने के बाद यह भी पता चला कि यदि एक आरोपित का पकड़ा जाता तो अन्य आरोपितों के फरार होने की संभावना है ऐसे में सात टीमों द्वारा एक साथ अलग-अलग शहरों में छापेमारी की गई जिसमें गुजरात के सूरत से 12, बंगाल के कोलकाता से छह, झारखंड के गिरडीह से दो, जामताड़ा से एक, धनबाद से दो को गिरफ्तार किया गया।

इनकी हुई गिरफ्तारी

गिरफ्तार सभी 23 आरोपित झारखंड के लिए गिरिडीह और धनबाद जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। इनमें पवन मंडल, टिंकू कुमार मंडल, छोटू कुमार मंडल, संदीप मंडल, रामजीत मंडल, बीरेंद्र मंडल, सुशील कुमार मंडल, रवि कुमार मनदाल, संजीत कुमार, राज किशोर मंडल, विकास कुमार मंडल, महेंद्र मंडल पुत्र, शंकर कुमार मंडल, पप्पू कुमार मंडल, कुलदीप मंडल, प्रमोद कुमार, बिनोद कुमार, नीरज शर्मा, तिंकुकुमार मंडल, टिंकुकुमार मंडल, उमेश कुमार मंडल, राजेंद्र मंडल, संजय कुमार मंडल

टीम बनाकर चला रहे थे गिराेह

  • -फ़िशिंग लिंक बनाने और होस्ट करने वालों की अलग टीम
  • -एक साथ कई एसएमएस भेजने और काल करने लिए फर्जी सिम कार्ड मुहैया करने वाली अलग टीम
  • -फ़िशिंग लिंक भेजने और पीड़ित को काल करने वाली अलग टीम
  • -पीड़ित के बैंक खातों से धनराशि स्थानांतरित करने की अलग टीम
  • -ठगी की रकम लेने के लिए फर्जी बैंक खातों को मुहैया करानी वाली टीम
  • -बैंक खातों से पैसे निकालने में के लिए अलग टीम