6 साल फिर कलंकित हुआ जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, 2 गुटों में मारपीट में कई छात्र घायल

 

JNU Raw: 6 साल फिर कलंकित हुआ जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, 2 गुटों में मारपीट में कई छात्र घायल

रामनवमी के दिन रविवार को जवाहर लाल विश्वविद्यालय में मारपीट की घटना हुई जिसमें दस से अधिक छात्रों को चोट लगी हैं। दोनों ही छात्र संगठनों एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। उधर विवि प्रशासन ने वरिष्ठ अधिकारियों को इस पूरे मामले की जांच रिपोर्ट बनाने का आदेश दिया है।

नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क। फरवरी, 2016 में जेएनयू में कथित तौर पर देश विरोधी नारे लगे थे, वहीं  देश-दुनिया के नामी शिक्षण संस्थानों में शुमार जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय एक बार फिर चर्चा विवादों में है। इस बार विवाद का विषय वेज बनाम नान वेज है। दरअसल, रामनवमी के दिन रविवार को कावेरी हास्टल में जेएनयू में छात्रों के दो गुट भिड़ गए। यहां पर मौजूद हिंदू छात्र नवरात्र के अंतिम दिन रविवार को रामनवमी पूजा और हवन करना चाहते थे, जबकि शाम को ही मुस्लिम छात्रों ने हास्टल में ही रोजा खोलने के लिए इफ्तार पार्टी बुलाई थी, जो शाम पांच बजे के बाद होनी थी। वहीं, रामनवमी पर पूजा का समय 3 बजे के बाद था। इसको लेकर विवाद हो गया और रविवार को कावेरी हास्टल में वामपंथी और एबीवीपी से जुड़े छात्रों के बीच जमकर मारपीट हुई। बताया जा रहा है कि घटना में दस से अधिक छात्रों को चोट लगी हैं। दोनों ही छात्र संगठनों एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। उधर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों को इस पूरे मामले की जांच रिपोर्ट बनाने का आदेश दिया है। हिंसा के विरोध में जेएनयू के छात्र वसंत कुंज उत्तरी पुलिस स्टेशन पहुंच गए हैं और वहां नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

वहीं, दक्षिण पश्चिमी जिले के पुलिस उपायुक्त मनोज सी ने बताया कि जेएनयू प्रशासन के अनुरोध पर पुलिस कैंपस में आई है। घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेज दिया गया है। फिलहाल कैंपस में पुलिस दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों से पूछताछ कर रही है। जांच-पड़ताल के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि परिसर में अलग-अलग छात्रों से बातचीत कर पता किया जा रहा है कि पूरा मामला क्या था।

उधर, एबीवीपी का आरोप है कि वामपंथी छात्र संगठन रामनवमी पूजा रोकना चाहते थे। पूजा के दौरान व्यवधान डालने की हरसंभव कोशिश की गई। वहीं आल इंडिया स्टूडेंटस एसोसिएशन (आइसा) और जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) ने एबीवीपी पर कावेरी छात्रावास में मांसाहारी खाना खाने से रोकने का आरोप लगाया। एबीवीपी के जेएनयू इकाई के अध्यक्ष रोहित ने बताया कि रामनवमी पर कावेरी छात्रावास के छात्रों ने पूजा आयोजित की थी। इसके पोस्टर तीन दिन पहले ही परिसर में लगाए गए थे। तभी से वामपंथी छात्र संगठन और एनएसयूआइ के कार्यकर्ता पूजा नहीं करने की धमकी दे रहे थे। रविवार को तय समय पर करीब साढ़े तीन बजे पूजा शुरू हुई। वामपंथी छात्र प्रदर्शन करने लगे, जिसकी वजह से पूजा शाम साढ़े पांच बजे तक शुरू हो पाई।

इस दौरान कावेरी छात्रावास की मेस में इफ्तार भी हो रहा था। चंद कदम दूर ही पूजा भी हो रही थी। रोहित ने सवाल उठाया कि जब कावेरी छात्रावास के छात्रों को ऐतराज नहीं था तो फिर वामपंथी छात्र पूजा क्यों रोकना चाहते थे? बकौल रोहित, नानवेज खाने का कोई विरोध था ही नहीं।

हालांकि, आइसा और जेएनयूएसयू ने बयान जारी कर कहा कि नानवेज खाना बनाने से रोकने की कोशिश के दौरान ही एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने मारपीट की। कहा गया कि, कावेरी छात्रावास के मेस मेन्यू के अनुसार, रविवार को नानवेज वालों को चिकन और वेज वालों को पनीर परोसा जाता है। रविवार शाम एबीवीपी के कार्यकर्ता आए और चिकन बनाने का विरोध किया। आइसा ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर छात्रावास वार्डन संग धक्कामुक्की का भी आरोप लगाया। विवाद यही नहीं थमा।

शाम में दोनों ही छात्रसंगठनों के कार्यकर्ता परिसर में प्रदर्शन कर रहे थे। जब एक दूसरे पर पानी की बोतलें तक फेंकी गई। इसमें दोनों ही पक्षों के छात्र चोटिल हुए। करीब दस छात्रों को चोट लगी, जिनका एम्स में मेडिकल कराया गया। उधर जेएनयू प्रशासन ने एक बयान जारी कर कहा कि परिसर में खानपान पर किसी तरह की पाबंदी नहीं है। हर त्योहार छात्र अपने तरह से मना सकते हैं। किसी के पहनावे, खाने और आस्था पर रोक-टोक नहीं है। छात्रावास कमेटी ही मेन्यू निर्धारित करती है।