पासपोर्ट वेरिफ‍िकेशन के लिए 699 का फार्मूला बताने वाला थाने का मुंशी सस्‍पेंड, बक्‍सर में एसपी ने की कार्रवाई

 

Buxar Viral Video News: बक्‍सर के सिमरी थाने का मुंशी। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

Passport Verification Corruption News बिहार के बक्‍सर जिले के एक थाने का वीडियो मंगलवार से ही वायरल हो रहा है। इस वीडियो में थाने का मुंशी पासपोर्ट वेरिफ‍िकेशन के लिए 699 का फार्मूला समझा रहा है। इस मुंशी को सस्‍पेंड कर दिया गया है।

बक्‍सर। पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए बड़े साहब के लिए हिस्‍सा मांगने वाला बक्‍सर जिले के सिमरी थाने का मुंशी आख‍िरकार निलंब‍ित कर दिया गया है। इस मामले में वीड‍ियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे की काफी क‍िरकिरी हो रही है। वीडियो में थाने में मौजूद कम से कम दो लोग युवक से पैसा मांगते दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि वीडियो बनाए जाने के खबर मिलने के बाद थाने की पूरी टीम आवेदन करने वाले युवक के घर गई और उसे थाने लाकर डराया- धमकाया। मिली जानकारी के अनुसार बक्‍सर एसपी ने वीडियो वायरल होने के अगले दिन कार्रवाई करते सिमरी थाना के मुंशी को निलंबित कर दिया, दूसरे कथित मुंशी की भी जांच का एसपी ने आदेश जारी कर दिया है। रिपोर्ट आने के बाद थाना के कई स्टाफ पर कार्रवाई की गाज गिरने की संभावना है। मामले की जानकारी मिलते ही एसपी नीरज कुमार सिंह ने वायरल वीडियो की सत्यता की जांच के लिए डुमरांव एएसपी को जिम्मेवारी सौंप दी थी।

पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वाले युवक के घरवालों की मानें तो वीडियो की जानकारी मिलते ही पुलिस ने जबरन युवक को उसके घर से उठा लिया और थाना ले जाकर युवक के मोबाइल से वीडियो डिलीट कर कर युवक से एक बांड भी भरवा लिया। वायरल वीडियो तथा पीडि़त युवक की मां के बयान के अनुसार सिमरी थाना क्षेत्र अंतर्गत सातो सिमरी निवासी जगमोहन माली दिल्ली के किसी कंपनी में काम करता है। कंपनी द्वारा विदेश भेजने के लिए पासपोर्ट की मांग किए जाने पर उसने पासपोर्ट कार्यालय को आवेदन दे रखा था जो सिमरी थाना में वेरिफिकेशन के लिए आकर लटका हुआ था।

इस बीच गरीब परिवार का युवक जगमोहन माली पैसों का इंतजाम कर दिल्ली से आया और सीधे सिमरी थाना वेरिफिकेशन के लिए जा पहुंचा। वहां मौजूद थाना के मुंशी बीरेंद्र ठाकुर ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया और युवक से इसके लिए दो हजार रुपयों की मांग की। युवक बार-बार कहता रहा कि उसके पास पैसे नहीं है। पर, थाना में मौजूद मुंशी के साथ ही वहां मौजूद एक अन्य सहयोगी राजेश कुमार ने एक नहीं सुनी। युवक के बार-बार आग्रह के बावजूद उसे बैरंग वापस लौटाते हुए पैसे लेकर आने के लिए बोला गया।

इस दौरान युवक ने अपनी मोबाइल में थाना परिसर में हुई सारी बातचीत का वीडियो रिकार्ड कर लिया और घर पहुंचने के बाद मुंशी को फोन कर इसकी जानकारी दी। वीडियो बनाए जाने की बात संज्ञान में आते ही थाना में खलबली मच गई और आनन फानन में युवक के घर जाकर पुलिस उसे उठाकर थाना ले आई।

इस दौरान पुलिस ने युवक का मोबाइल छिनकर सारे वीडियो डिलीट करने के साथ ही युवक से इस बात का बांड भी लिखवा लिया गया कि वीडियो वायरल करने पर थाना की गोपनीयता भंग करने के आरोप में उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस कार्रवाई से युवक समेत उसका पूरा परिवार सहमा हुआ है और इसी दहशत में उल्टे पांव अपना बैग उठाकर युवक दिल्ली के लिए रवाना हो गया।

...जब मुंशी ने समझाया 699 का फार्मूला

जगमोहन द्वारा पैसे कम करने के आग्रह पर थाना के मुंशी बीरेंद्र ठाकुर के साथ ही थाना में निजी तौर पर मुंशी का काम करने वाले राजेश कुमार ने युवक को समझाया कि 699 रुपये तो मोबाइल के रिचार्ज में ही लग जाते हैं। दो हजार नहीं लेंगे तो उनके पास बचेगा क्या। हालांकि, वीडियो में स्पष्ट सुनाई दे रहा है कि दो हजार नहीं तो कम से कम एक हजार ही दे दो तभी काम होगा, कहा जा रहा है।

पहले ही सुरक्षित कर लिया था वीडियो

थाना से खाली हाथ लौटने के बाद जगमोहन ने तमाम बातचीत का वीडियो अपने एक दोस्त को प्रेषित कर दिया था। जब पुलिस ने सारे वीडियो डिलीट करा लिए तब दिल्ली वापसी के लिए ट्रेन में बैठते ही उसने दोस्त से वीडियो को वापस मांगकर वायरल कर दिया। 

घटना से दहशत में परिवार

इस घटना के बाद से जगमोहन माली का पूरा परिवार दहशत में जी रहा है कि पता नहीं पुलिस उन पर क्या कार्रवाई करेगी? उनकी मां शीला देवी ने बताया कि घर पहुंची पुलिस काफी गाली गलौज करते हुए उनके बेटे को उठा ले गई और मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट कराने के बाद उससे बांड भी भरवा लिया कि भविष्य में कभी भी वीडियो वायरल करने पर केस में फंसा दिया जाएगा। पुलिस की इसी धमकी के डर से उनका बेटा उल्टे पांव दिल्ली वापस लौट गया कि पासपोर्ट अब नहीं बनवाएंगे और जो मिल रहा है उसी पर गुजर बसर करेंगे।

बक्‍सर के एसपी नीरज कुमार सिंह ने बताया कि कुछ मीडिया कर्मियों के माध्यम से वीडियो मिला है। डुमरांव के प्रशिक्षु एएसपी को तत्काल इसकी जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया है। यदि वीडियो सही है तो इसमें जो भी दोषी होंगे उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इस बात की भी जांच की जाएगी कि कथित रूप से राजेश कुमार नामक व्यक्ति आखिर किनके आदेश से थाना में जाकर काम कर रहा है। जांच के बाद संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।