तीन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश के संदिग्ध आतंकियों को 7 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेजा गया

 

गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान शनिवार देर रात को की गई

केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की सूचना के बाद त्रिपुरा पुलिस ने जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश के तीन संदिग्ध आतंकियों को संदेह में गिरफ्तार किया था जिन्हें सिपाहीजला जिला एवं सत्र न्यायालय ने सोमवार को प्राथमिकी दर्ज करने के बाद उन्हें अगले 7 अप्रैल तक हिरासत में भेज दिया है।

सिपाहीजाला, एएनआइ। त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिला और सत्र अदालत ने सोमवार को तीन संदिग्ध आतंकवादियों को 7 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। बता दें कि इन आतंकियों का संबंध जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश से है।‌ जेल भेजे गए संदिग्धों को एक बड़े मामले के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। यह पूरा मामला सिपाहीजला जिले के जात्रापुर थाने में दर्ज किया गया है।

गिरफ्तार किए गए लोगों की हुई पहचान

गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान शनिवार देर रात को की गई, जिसमें इमरान हुसैन (24), हमीद अली (34) और अबुल कासिम (32) का नाम शामिल है।‌ एसडीपीओ सोनमुरा बनोज बिप्लब दास ने कहा, 'कोर्ट ने मामले के संबंध में केस डायरी मांगी है। अगले 07 अप्रैल तक आतंकी जेल की हिरासत में रहेंगे और पेश होने पर कोर्ट रिमांड के लिए पुलिस की प्रार्थना पर सुनवाई करेगी।' वहीं पुलिस ने पूछताछ के लिए पांच दिन के पुलिस रिमांड की मांग की है।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की एक टीम भी रविवार को त्रिपुरा पहुंची, जिसके बाद आतंकवादियों की गिरफ्तारियां की गई।

खुफिया एजेंसी

यह पूरा प्रकरण कुछ दिनों पहले शुरू हुआ जब 13 मार्च को मध्य प्रदेश के भोपाल में सक्रिय जेएमबी कैडर जहीर उद्दीन और अखिल अहमद को गिरफ्तार किया गया था।‌ पुलिस सूत्रों ने बताया कि पूछताछ के बाद केंद्रीय एजेंसियों को सिपाहीजाला के खदयाखोला गांव निवासी इमरान हुसैन (24) के बारे में सूचना मिली। जिस पर एक्शन लेते हुए पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।

शुरुआती पूछताछ के दौरान खदयाखोला गांव के दो और नाम हमीद अली (34) और अबुल काशेम (32) पुलिस के सामने आए। फिर सभी हिरासत में लिए गए व्यक्तियों को ग्रिलिंग के लिए बिशालगढ़ पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित कर दिया गया।

पुलिस सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय खुफिया एजेंसी के अधिकारी भी पूछताछ प्रक्रिया में शामिल हुए, जिसके करीब 24 घंटे के बाद उन्हें पुलिस रजिस्टर में गिरफ्तार दिखाया गया। घटना के संबंध में जात्रापुर थाने में मामला संख्या 15/22 का बड़ा मामला दर्ज किया गया था। गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम की 120 (b), 121, 124 (a) और धारा 13 (2), 18, 18 (b), 38, और 39 जैसी आईपीसी की कई गंभीर धाराओं को लागू करते हुए आरोप तय किए गए थे। पुलिस सूत्रों ने कहा कि सभी धाराएं गैर-जमानती हैं।