AFSPA के हटने से भारत की मुख्यधारा में शामिल हुआ नार्थ ईस्ट - BJP

 

AFSPA के हटने से भारत की मुख्यधारा में शामिल हुआ नार्थ ईस्ट - BJP

असम नागालैंड और मणिपुर के अधिकतर इलाकों से केंद्र ने AFSPA कानून को हटा दिया है। केंद्र के इस फैसले को ऐतिहासिक करार देते हुए भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि अब नार्थ ईस्ट देश की मुख्यधारा में शामिल हो गया है।

 नई दिल्ली, प्रेट्र। असम, नागालैंड और मणिपुर में कई इलाकों से अफस्पा कानून को हटा दिया गया है। केंद्र के इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शनिवार को कहा कि नार्थ ईस्ट के उन इलाकों में अब शांति बहाल हो जाएगी जहां से इस कानून को हटाया गया है। अरुणाचल प्रदेश से लोकसभा सांसद केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उग्रवादी समूहों के साथ अपनाए गए दृष्टिकोण का लाभ हुआ है। अब देश भर से लोगों का इंतजार सुंदर व शांत नार्थ ईस्ट कर रहा है।

क्षेत्र में यात्रा व निवेश के लिए अपील करते हुए किरण रिजिजू ने प्रेस कान्फ्रेंस में कांग्रेस पर आरोप लगाया और कहा कि इस इलाके को बर्बादी के कगार पर ही छोड़ दिया गया था लेकिन यहां बड़े दिलवाले प्रधानमंत्री मोदी की जरूरत है। यहां के लोग सरकार तक पहुंचना चाहते थे जो अब जाकर संभव हुआ है। उन्होंने कहा, 'मैं आपको गर्व और संतुष्टि की भावना के साथ संबोधित कर रहा हूं। पहली बार ऐसा महसूस हो रहा है कि नार्थ ईस्ट अब देश की मुख्यधारा में शामिल हो गया है। हम हमेशा सुनते थे कि इसे मुख्यधारा से जोड़ना है। AFSPA को हटाना एक क्रांतिकारी फैसला है।'

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी थी कि भारत सरकार ने दशकों बाद नगालैंड, असम और मणिपुर राज्यों में सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (AFSPA) के तहत अशांत क्षेत्रों का दायरा कम करने का फैसला किया है। उन्होंने लिखा, 'अफस्पा के अंतर्गत आने वाले इलाकों का दायरा घटाने में सरकार के शांति लाने के लिए किए जा रहे प्रयास मददगार रहे हैं। इन इलाकों में उग्रवाद पर भी नियंत्रण बढ़ा है। कई समझौतों के कारण सुरक्षा के हालात और विकास ने भी कानून हटाने में मदद की।'

केवल अशांत क्षेत्रों में लागू होने वाले इस कानून के तहत इन जगहों पर सुरक्षाबल बगैर वारंट किसी को भी गिरफ्तार कर सकते हैं। साथ ही इन्हें बल प्रयोग का भी अधिकार है। पूर्वोत्तर में सुरक्षाबलों की सहूलियत के लिए 11 सितंबर 1958 को यह कानून पास किया गया था। 1989 में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद बढ़ने पर यहां भी 1990 में अफस्पा लागू कर दिया गया।