कोरोना के नए वैरिएंट आते रहेंगे इनसे घबराने की जरूरत नहीं, 'एनटागी' के चेयरमैन डाक्टर अरोड़ा ने देशवासियों को दी सलाह

 

डा.अरोड़ा ने कहा कि नए वैरिएंट के लिए तीन लेयर के परीक्षण की जरूरत

महाराष्ट्र और गुजरात में रिपोर्ट किए गए एक्सई वैरिएंट के मामलों पर डा. अरोड़ा ने कहा कि वर्तमान में भारत एक्सई वैरिएंट से जो कुछ भी वर्णित किया गया है वह केवल परीक्षण की पहली लेयर के आधार पर कहा गया।

नई दिल्ली, एएनआइ। कोरोना के नए वैरिएंट आते रहेंगे। ये नए वैरिएंट गंभीर बीमारियों का कारण नहीं बन रहे हैं और न ही मामलों की संख्या में वृद्धि नहीं कर रहे हैं। इसलिए इन्हें लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। यह बात भारत में कोरोना के वर्किंग ग्रुप के टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटागी) के चेयरमैन डा.एनके अरोड़ा ने कही।

एक विशेष साक्षात्कार में, डा.अरोड़ा ने कहा कि कोरोना के वैरिएंट आते रहेंगे लेकिन फिलहाल ये न तो बीमारी को गंभीर बना रहे और न ही मामलों की संख्या में वृद्धि नहीं कर रहे हैं।इसलिए घबराने की कोई बात नहीं है। भारतीय डाटा द्वारा दिए गए तथ्यों और आंकड़ों के अनुसार इस समय कोई भी वैरिएंट गंभीर बीमारी पैदा नहीं कर रहा है। दूसरा यह कि इनमें से किसी मरीज या उनके संपर्क में आए लोगों को कोई गंभीर बीमारी थी, यह भी सच नहीं।

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एक्सई वैरिएंट के बारे में जो भी कहा गया वो परीक्षण के पहली लेयर के आधार पर कहा गया

महाराष्ट्र और गुजरात में रिपोर्ट किए गए एक्सई वैरिएंट के मामलों पर डा. अरोड़ा ने कहा कि वर्तमान में भारत एक्सई वैरिएंट से जो कुछ भी वर्णित किया गया है, वह केवल परीक्षण की पहली लेयर के आधार पर कहा गया। ऐसे में कोई भी बहुत विश्वास के साथ नहीं कह सकता कि यह एक्सई के कारण है या एक्सई के प्रारंभिक वैरिएंट के कारण है जैसा कि एक राज्य द्वारा बताया गया है। इसके चलते निष्कर्ष यह निकला कि यह या तो एक्सएम था या एक्सएल न कि एक्सई।

नए वैरिएंट के लिए तीन लेयर के परीक्षण की जरूरत

डा.अरोड़ा ने कहा कि नए वैरिएंट के लिए तीन लेयर के परीक्षण की जरूरत है। इंडियन सार्स-सीओवी जीनोमिक्स कंसोर्टियम (इंसाकाग) इस पर नजर बनाए हुए है। ऐसी स्थिति में महाराष्ट्र या गुजरात जहां भी पहले टेस्ट के बाद एक्सई मिलने का दावा किया गया वहां लोगों में बीमारी पनपने या मामले बढ़ने की बात सामने नहीं आई।