दिल्ली में रहने वाले बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी, मांग बढ़ने पर भी नहीं होगी बिजली कटौती

 

डीटीएल ने तैयार की योजना, बनेगा नया सब स्टेशन, बिछेगी नई लाइन।

आने वाले कुछ वर्षों में ही मांग दस हजार मेगावाट तक पहुंचने की बात कही जा रही है। मांग बढ़ने पर बिजली आपूर्ति में किसी तरह की परेशानी न हो इसे ध्यान में रखकर डीटीएल और बिजली वितरण कंपनियां (डिस्काम) काम कर रही हैं।

नई दिल्लीsurender Aggarwal  । राजधानी में बिजली की बढ़ रही मांग को ध्यान में रखकर आधारभूत ढांच को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है। दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (डीटीएल) इसके लिए छह सौ करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करेगा। इससे नया सब स्टेशन का निर्माण, चार सौ केवी और 220 केबी सब स्टेशन के बीच नई लाइन बिछाने के साथ ही कई अन्य उपकरण लगाए जाएंगे।

प्रत्येक वर्ष बिजली की मांग में बढ़ोतरी हो रही है। पिछले वर्ष अधिकतम मांग 73 सौ मेगावाट के ऊपर रही थी। इस बार मांग आठ हजार मेगावाट से ऊपर पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। आने वाले कुछ वर्षों में ही मांग दस हजार मेगावाट तक पहुंचने की बात कही जा रही है। मांग बढ़ने पर बिजली आपूर्ति में किसी तरह की परेशानी न हो इसे ध्यान में रखकर डीटीएल और बिजली वितरण कंपनियां (डिस्काम) काम कर रही हैं। सस्ती और पर्यावरण अनुकूल बिजली के लिए डिस्काम अलग-अलग एजेंसियों से समझौता कर रही हैं। साथ ही बिजली के आंतरिक नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है। 

लोड बढ़ने पर नहीं होगी परेशानीः-

डीटीएल भी चार सौ केवी और 220 केवी के नेटवर्क को विस्तार दे रही हैं। नए सब स्टेशन बनाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि ज्यादा मांग बढने पर ट्रांसफार्मर और बिजली लाइन में खराबी होने लगती है। इसके लिए इनकी क्षमता बढ़ाई जा रही है। नई लाइन भी बिछाई जा रही है। इससे बिजली का लोड बढ़ने पर या किसी तरह की खराबी आने पर इसे दूसरी लाइन पर स्थानांतरित किया जा सकता है। डीटीएल के पास चार सौ केवी के चार और 220 केवी के 39 सब स्टेशन हैं। यहां डिस्काम के 66 केवी और 33 केवी के सब स्टेशन तक बिजली पहुंचाई जाती है।

दक्षिणी दिल्ली में बेहतर होगी बिजली आपूर्तिः-

डीटीएल ने वर्ष 2022-23 के लिए सब स्टेशन और बिजली लाइन पर 632.45 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव तैयार किया है। सबसे ज्यादा 190.58 करोड़ रुपये तुगलकाबाद स्थित चार सौ मेगावाट सब स्टेशन से आरके पुरम स्थित 220 केवी सब स्टेशन के बीच 13.5 किलोमीटर भूमिगत केबल बिछाने पर खर्च होंगे। इससे दक्षिणी दिल्ली में बिजली आपूर्ति बेहतर हो सकेगी।

देव नगर में बनेगा 220 केवी का सब स्टेशनः-

करोलबाग के देव नगर में 220 केवी के प्रस्तावित सब स्टेशन के निर्माण पर 72.69 करोड़ रुपये और इसके लिए भूमिगत केबल बिछाने पर 75.68 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पीरागढी और हर्ष विहार में रियेक्टर पर 23.52 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इसी तरह से दिल्ली के अलग-अलग स्थानों पर कई और काम किए जाने का प्रस्ताव है।