मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शिवराज सिंह को दी सलाह- शराबबंदी के लिए उठाएं यह कदम

 

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शिवराज सिंह को दी सलाह

उमा भारती ने ट्वीट में लिखा है किे शराब की दुकानें हों वहां फोटो के साथ होर्डिंग लगें कि शराब पीने से क्या-क्या नुकसान होते हैं। फिर जागरूकता अभियान चले जिसमें सभी धर्मों के साधु संतसामाजिक संस्थाएं तथा मेरे एवं शिवराज जी की तरह सभी दलों के नेता शामिल हों।

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछले दिनों कहा था कि लोग शराब पीना बंद कर दें तो मैं शराब की दुकानें बंद कर दूंगा। जब लोग शराब पिएंगे ही नहीं, दुकानें चलेंगी ही नहीं तो वह तो खुद ही बंद हो जाएंगी। उनके इस बात के जवाब में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने ट्वीट कर शराबबंदी के लिए कुछ कदम उठानें की नसीहतें दी है।

मालूम हो कि उमा भारती ने ट्वीट में लिखा है किे अभी हमें शुरुआत यहां से करना चाहिए- अहातों में शराब परोसने की व्यवस्था हम तुरंत बंद करें। स्कूल, अस्पताल, मंदिर एवं अन्य निषिद्ध स्थानों के पास शराब की दुकानें भी बंद हों। घर-घर शराब पहुंचाने की घिनौनी व्यवस्था तुरंत रुके। जहां महिलाएं या नागरिक विरोध करें वहां दुकानें ना खोली जाएं, इन्हीं ने तो हमारी सरकार बनाई है।उमा भारती ने ट्वीट में लिखा है कि पहले इतना कर लें, फिर जो वैध एवं उचित स्थान पर शराब की दुकानें हों, वहां फोटो के साथ होर्डिंग लगें कि शराब पीने से क्या-क्या नुकसान होते हैं। फिर जागरूकता अभियान चले, जिसमें सभी धर्मों के साधु संत,सामाजिक संस्थाएं तथा मेरे एवं शिवराज जी की तरह सभी दलों के नेता शामिल हों।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मेरे बड़े भाई शिवराज सिंह चौहान से 1984 से मार्च 2022 तक सम्मान एवं स्नेह के संबंध बने रहे, शिवराज आफिस जाते समय या मेरे हिमालय प्रवास के समय या मेरे किसी भजन का स्मरण आने पर या तो मुझसे मिलते थे या फोन करते थे। उन्होंने लिखा कि मैंने शिवराज से 2 साल हर मुलाकात में शराबबंदी पर बात की है, अब बात बाहर सामने आ गई है, तो भाई ने अनबोला क्यों कर दिया है और मीडिया के माध्यम से बात क्यों करने लगे हैं।

मालूम हो कि शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि लोग शराब पीना बंद कर दें तो मैं शराब की दुकानें बंद कर दूंगा। जब लोग शराब पिएंगे ही नहीं, दुकानें चलेंगी ही नहीं तो वह तो खुद ही बंद हो जाएंगी। अवैध शराब की बिक्री को रोकने के लिए तो पुलिस एवं प्रशासन की जिम्मेदारी है, यह तो कानून व्यवस्था का सवाल है।