जेपी नड्डा बोले-कांग्रेस भाई-बहन की पार्टी, परिवारवादी सियासी दल देश के लोकतंत्र के लिए खतरा

 

जेपी नड्डा बोले-कांग्रेस भाई-बहन की पार्टी, परिवारवादी सियासी दल देश के लोकतंत्र के लिए खतरा। फोटो इंटरनेट मीडिा

Rajasthan नड्डा ने कहा कि इंडियन नेशनल कांग्रेस सिर्फ नाम है। न तो इंडियन रहे और न ही भारतीय यह तो नेशनल रह गए। कांग्रेस एक परिवार की पार्टी बन गई है। कांग्रेस सिर्फ भाई-बहन की पार्टी है। उन्होंने कहा कि देश के प्रजातंत्र के लिए परिवारवादी पार्टियां खतरा है।

सवाईमाधोपुर, राजस्थान में भाजपा मिशन 2023 की तैयारी में जुट गई है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता में लाने का जिम्मा खुद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संभाला है। इसके तहत पूर्वी राजस्थान की 39 विधानसभा सीटों पर कमजोर भाजपा को मजबूत करने के लिहाज से नड्डा ने वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी। 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 39 में से मात्र चार सीटें मिली थीं। नड्डा शनिवार को सवाईमाधोपुर पहुंचे। उन्होंने यहां अनुसूचित जनजाति (एसटी) विशिष्टजन सम्मेलन को संबोधित करने के साथ ही पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा चुनाव को लेकर बनाई जाने वाली रणनीति पर मंथन किया। एसटी सम्मेलन में नड्डा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इंडियन नेशनल कांग्रेस सिर्फ नाम है। न तो इंडियन रहे और न ही भारतीय, यह तो नेशनल रह गए। कांग्रेस एक परिवार की पार्टी बन गई है। कांग्रेस सिर्फ भाई-बहन की पार्टी है। उन्होंने कहा कि देश के प्रजातंत्र के लिए परिवारवादी पार्टियां खतरा है। 

परिवारवाद पर निशाना साधा

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी, हरियाणा की लोकदल, पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस, महाराष्ट्र की शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस भी परिवार की पार्टियां बन गई हैं। यह देश के लिए खतरनाक हैं। कहने को यह क्षेत्रीय पार्टियां बनती हैं, लेकिन बाद में पारिवारिक पार्टियां हो जाती हैं। नड्डा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग होना चाहिए या नहीं। आप कांग्रेसियों से पूछिए क्या हो गया था, उनको उस दिन जब अनुच्छेद 370 को निष्क्रिय करने का विधेयक संसद में आया था। वह लोग विरोध में खड़े हो गए थे। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व में संसद अच्छी तरह से चल रही है। उन्होंने कहा कि अगर लोग इनसे मुक्ति चाहते हैं, तो विधानसभा चुनाव में भाजपा को जीत दिलाएं। सम्मेलन के बहाने भाजपा करौली, धौलपुर, सवाईमाधोपुर, दौसा और भरतपुर जिलों में विशेष ध्यान देना चाहती है। इन पांच जिलों में कांग्रेस को मात्र एक विधानसभा सीट ही मिल पाई थी।

वसुंधरा राजे नहीं पहुंचीं

जेपी नड्डा की मौजूदगी में हुए सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का नहीं पहुंचना चर्चा का विषय रहा। वसुंधरा विरोधी खेमा इस बात को लेकर नाराज बताया जा रहा है। वसुंधरा विरोधियों का कहना है कि पार्टी अध्यक्ष की मौजूदगी में वसुंधरा को मौके पर मौजूद रहना चाहिए था। वहीं, उनके समर्थकों का तर्क है कि एसटी के सम्मेलन में वसुंधरा का नहीं पहुंचना कोई विशेष बात नहीं है। सम्मेलन को राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया और राज्यसभा सदस्य किरोड़ी लाल मीणा ने संबोधित किया। इससे पहले रेल मार्ग से दिल्ली से सवाई माधोपुर पहुंचे नड्डा को रेलवे स्टेशन से होटल तक जुलूस के रूप में लाया गया।