सेना में महिला शार्ट सर्विस कमीशन अफसरों के लिए रिक्तियां बढ़ाने की जरूरत, कैग ने रिपोर्ट में की सिफारिश

 


सेना में महिला शार्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) अधिकारियों के लिए रिक्तियां बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में कहा है कि सेना में महिला शार्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) अधिकारियों के लिए रिक्तियां बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है। कैग ने कहा है कि जनवरी 2020 तक 1648 महिला अधिकारी थीं।

नई दिल्ली, प्रेट्र। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में कहा है कि सेना में महिला शार्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) अधिकारियों के लिए रिक्तियां बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है। 'भारतीय सेना में अधिकारियों का चयन एवं परीक्षण' नामक रिपोर्ट में कैग ने कहा है कि जनवरी 2020 तक 1648 महिला अधिकारी थीं, जो सेना में कमीशंड अधिकारियों की कुल संख्या का सिर्फ चार प्रतिशत है।

कैग ने कहा, इससे सेना को अफसरों की कमी को दूर करने में भी मिलेगी मदद

रिपोर्ट के मुताबिक सेना में पद के मुकाबले भर्ती होने की इच्छुक महिला अभ्यर्थियों की संख्या बहुत ज्यादा है। महिलाओं के लिए रिक्तियां बढ़ाने से भारतीय सेना को लंबे समय में अफसरों की कमी को दूर करने में भी मदद मिलेगी। भारतीय सेना में महिलाओं की भर्ती के लिए जो चार कोर्स हैं, उनमें आवेदकों की संख्या पूर्ण होती है। भर्ती प्रक्रिया के आखिर में रिक्त पदों की तुलना में दो गुना महिला अभ्यर्थी ऐसी पाई जाती हैं, जो शारीरिक रूप से फिट होने के साथ योग्य भी होती हैं, लेकिन पद की कमी के चलते उनका चयन नहीं हो पाता।

रिपोर्ट के मुताबिक गैर तकनीकी पदों पर पुरुषों के अनुपात में 2015 के 29 प्रतिशत के मुकाबले 2019 में रिक्तियों की संख्या बढ़कर 50 प्रतिशत हो गई है, लेकिन तकनीकी क्षेत्र की रिक्तियां इस दौरान 16 प्रतिशत से घटकर आठ प्रतिशत पर आ गईं। कैग ने रक्षा मंत्रालय को भी इस पहलू पर गौर करने की सलाह दी है।