दिल्ली कांग्रेस में तेजी से उठ रहे विरोध के स्वर, एक बार फिर लामबंद होने लगे असंतुष्ट

 

Delhi Congress Politics: दिल्ली कांग्रेस में तेजी से उठ रहे विरोध के स्वर, एक बार फिर लामबंद होने लगे असंतुष्ट

Delhi Congress Politics लगातार दो विधानसभा चुनाव में शून्य पर सिमटने वाली दिल्ली कांग्रेस में एक बार फिर विरोध की आवाज उठने लगी है। आलाकमान ने जल्द इस पर ध्यान नहीं दिया तो हालात गंभीर हो सकते है।

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। जहां एक ओर कांग्रेस आलाकमान पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट असंतुष्टों को समझाने में प्रयासरत है वहीं अब देश की राजधानी दिल्ली में भी विरोध के स्वर जोर पकड़ने लगे हैं। नगर निगम चुनाव टलते ही पार्टी की दिल्ली इकाई में कांग्रेस की बदहाली और मनमानी का मुद्दा जोर पकड़ने लगा है। आने वाले दिनों में बगावत की चिंगारी भड़कने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

गौरतलब है कि शनिवार को ही प्रदेश कांग्रेस के दो पूर्व जिलाध्यक्षों ने पार्टी नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और के सी वेणुगोपाल को चिट्ठी लिखकर सदस्यता अभियान के दौरान ब्लाक अध्यक्षों की नियुक्ति पर सवाल उठाए थे। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि बिना सलाह मशविरा के बनाई गई ब्लाक अध्यक्षों की इस सूची में काफी नाम उन लोगों के हैं जिन्होंने न तो सदस्य बनाए हैं और जो न ही एनरोलर हैं।

इसी कड़ी में रविवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआइसीसी) सचिव एवं उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी देवेंद्र यादव के घर कुछ असंतुष्टो की बैठक हुई। इस बैठक में आदर्श नगर जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष हरीकिशन जिंदल, चांदनी चौक जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद उस्मान, रोहिणी जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह और बवाना से तीन बार के विधायक सुरेंद्र कुमार मुख्य रूप से शामिल रहे।

यहां बता दें कि देवेंद्र यादव दिल्ली से विधायक और प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष भी रह चुके हैं।सूत्रों के मुताबिक बैठक में दिल्ली कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की गई। सभी असंतुष्टों का कहना था कि दिल्ली कांग्रेस में सब ठीक नही चल रहा है। कार्यकर्ता पूरी मेहनत से संगठन को मजबूत करने के लिए संघर्ष कर रहा है, लेकिन उसी की अनदेखी की जा रही है। उपेक्षा के कारण ही पुराने नेता पार्टी छोडकर दूसरे दलों में जा रहे हैं, जिनकी कोई सुध भी नही ले रहा। इस समय सदस्यता अभियान चल रहा है जबकि संगठन में नियुक्ति की जा रही हैं, जो नियमों के खिलाफ है। इन हालातों में संगठन को मजबूत कैसे किया जाए, इस पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई।

देवेंद्र यादव (एआइसीसी सचिव एवं उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी) का कहना है कि दिल्ली कांग्रेस के कुछ पुराने नेता मेरे घर आए और उन्होंने मुझसे राजधानी के सियासी हालात सहित पार्टी की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कुछ शिकायतें और समस्याएं भी रखीं। कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए सभी ने मिल जुलकर काम करने की बात भी कही।