राजधानी दिल्ली के लोगों को खुशखबरी, त्योहारों पर मिलेगा भरपूर समय पानी, पढ़िए पूरा प्लान

 

इनमें से 3.91 लाख गांवों की ग्राम कार्य योजना भी तैयार हो गई है।

ग्राम पंचायतों को गांव के प्रत्येक घर को पेयजल आपूर्ति के साथ ही जल स्नोतों के संरक्षण गंदे पानी का प्रबंधन व प्रणाली के रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाएगी। जल जीवन मिशन के तहत 4.78 लाख गांवों में पानी समितियां पहले ही गठित कर ली गई हैं।

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री इमरान हुसैन ने नवरात्र, रमजान और ईद उल फितर के लिए शुक्रवार को नगर निगम, दिल्ली जल बोर्ड एवं बीएसईएस के अधिकारियों सहित सभी संबंधित एजेंसियों के साथ बैठक की। मंत्री ने धार्मिक उत्सवों के सफल आयोजन के लिए संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों को जरूरी निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि धर्मस्थलों के आसपास की सड़कों और गलियों में पर्याप्त स्वच्छता और साफ-सफाई की आवश्यकता पड़ेगी।

उन्होंने जल बोर्ड के अधिकारियों को त्योहारों के दौरान उचित जल निकासी और स्वच्छ पानी की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। हुसैन ने कहा कि धर्मस्थलों के आसपास वाटर टैंकरों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। मंत्री ने निगम अफसरों के साथ त्योहारों के दौरान दिन में सुबह और शाम सड़कों और गलियों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

वहीं, ग्राम पंचायतों को सेवा प्रदाता की भूमिका में लाने के लिए उनके दायित्वों को और बढ़ाया जाएगा। उन्हें जल जीवन मिशन के तहत ‘हर घर नल से जलापूर्ति’ की पूरी प्रणाली सौंपी जाएगी। ग्राम पंचायतों को गांव के प्रत्येक घर को पेयजल आपूर्ति के साथ ही जल स्नोतों के संरक्षण, गंदे पानी का प्रबंधन व प्रणाली के रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाएगी। जल जीवन मिशन के तहत 4.78 लाख गांवों में पानी समितियां पहले ही गठित कर ली गई हैं। जबकि इनमें से 3.91 लाख गांवों की ग्राम कार्य योजना भी तैयार हो गई है।

जल जीवन मिशन की ग्राम कार्य योजना में जल स्नोतों को स्वच्छ और मजबूत बनाने को शामिल किया जाएगा। इसमें नल से जल योजना के कनेक्शन को लीकप्रूफ बनाने को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि जल की बर्बादी को रोका जा सके। जल जीवन मिशन के दूसरे चरण में घरों से निकलने वाले गंदे पानी (ग्रे वाटर) के प्रबंधन को प्रमुखता दी जाएगी।

गांव की जरूरत के हिसाब से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। ग्राम पंचायतों की वित्तीय स्थिति को देखते हुए पंचायतें जलापूर्ति सेवा के लिए शुल्क भी वसूल सकती हैं। जल शक्ति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, जल जीवन मिशन को तेज करने के लिए जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

2024 तक देश के छह लाख से अधिक गांवों में सतत जलापूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य तेज कर दिया गया है। जिन गांवों में हर घर नल से जल की आपूर्ति होने लगी है, वहां व्यवस्था को सतत बनाए रखने का काम स्थानीय पंचायतों को सौंप दिया जाएगा। जलापूर्ति के मामले में महिलाओं की भूमिका को सशक्त किया जाएगा ताकि जलापूर्ति की निरंतरता को बढ़ाया जा सके।