भाजपा के नई आबकारी नीति के विरोध के बीच दिल्ली में फिर सस्ती हुई शराब

 

भाजपा के नई आबकारी नीति के विरोध के बीच दिल्ली में फिर सस्ती हुई शराब

Liquor Price in Delhi 2022 देश की राजधानी दिल्ली में शराब की कीमतें 25 प्रतिशत तक सस्ती हुई हैं लेकिन भारतीय जनता पार्टी का नई आबकारी नीति के खिलाफ कई महीने पहले शुरू हुआ विरोध अब भी जारी है।

नई दिल्ली, । देश की राजधानी दिल्ली में एक ओर जहां एक बार फिर लाइसेंसी दुकानों पर शराब सस्ती मिलने लगी है, वहीं भाजपा नई आबकारी नीति का पिछले कई माह से विरोध कर रही है। हालांकि, कुछ समय से यह मुद्दा शांत था। भाजपा कार्यकर्ता उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर विधानसभा में मिली जीत का जश्न मनाने में व्यस्त थे। उसके बाद द कश्मीर फाइल्स को दिल्ली में मनोरंजन कर मुक्त कराने के लिए आंदोलन कर रहे थे। अब एक बार फिर से वह शराब की दुकानों के खिलाफ सड़क पर उतरने लगे हैं। इस बार प्रदर्शन के साथ शराब की दुकानों पर ताला जड़ रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता और अन्य नेताओं का तर्क है कि दिल्ली सरकार शराब ने अवैध दुकानें बंद करने की मांग पर ध्यान नहीं दिया, इसलिए अब भाजपा कार्यकर्ता अपने स्तर पर इसे सील कर रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि भाजपा इस मामले को तूल देना चाहती है, जिससे राजनीतिक लाभ मिल सके।

 प्रदर्शन में बोल बेलगाम, बढ़ा विवाद

आंदोलन करना लोकतांत्रिक अधिकार है। प्रत्येक राजनीतिक दल किसी न किसी मुद्दे को लेकर आंदोलन करते रहते हैं। कभी विपक्ष सत्ता पक्ष के खिलाफ सड़क पर उतरता है तो कभी सत्ता पक्ष विपक्ष पर पलटवार करता है। इस राजनीतिक आंदोलन व वार-पलटवार में भाषा का संयम टूटता है तो विवाद बढ़ता है। दिल्ली की राजनीति में भी इन दिनों बेलगाम बोल पर विवाद छिड़ा हुआ है। द कश्मीर फाइल्स पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की टिप्पणी से नाराज भाजपा नेताओं ने अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया, जिससे आम आदमी पार्टी (आप) के नेता नाराज हैं। इसी तरह से मुख्यमंत्री आवास के बाहर भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं के हंगामे और तोड़फोड़ से भी विवाद बढ़ गया है। मामला पुलिस और अदालत तक पहुंच गया है। इससे भाजपा के कई कार्यकर्ता नाराज हैं। उनका कहना है कि अमर्यादित प्रदर्शन और बयान से पार्टी को लाभ के बजाय नुकसान होगा।