केंद्र की चिराग को दो टूक, जनपथ बंगले से पासवान परिवार को नियमानुसार निकाला गया, नहीं किया कोई अपमान

 

चिराग पासवान के आरोपों का सरकार ने खंडन किया। (फाइल फोटो)

सरकार के अनुसार कार्रवाई नियमों के तहत ही की गई है और चिराग और उनके परिवार को जगह खाली करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था। वहीं चिराग ने उनके परिवार के अपमान का आरोप लगाया था।

नई दिल्ली, एएनआइ। लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) पार्टी के प्रमुख चिराग पासवान को हाल ही में उनके 12 जनपथ वाले सरकारी बंगले से सरकार द्वारा बेदखल कर दिया गया था। इसपर चिराग ने उनके अपमान का आरोप लगाया था जिसे आज सरकार ने खारिज कर दिया है। सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई नियमों के अनुसार की गई है और चिराग और उनके परिवार को जगह खाली करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था।

पहले ही खत्म हो चुका रहने का समय

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार रामविलास पासवान का परिवार पूर्व केंद्रीय मंत्री के निधन के बाद केवल एक महीने तक ही बंगले में रहने का पात्र था। वहीं 8 अक्टूबर 2020 को लंबी बीमारी के बाद रामविलास पासवान के निधन के बाद परिवार 7 नवंबर, 2020 तक सामान्य किराए के भुगतान और पानी और बिजली शुल्क के भुगतान पर एक महीने के लिए बंगले में रहने का पात्र था। सूत्रों का यह भी कहना है कि जनरल पूल बंगला, 12 जनपथ (टाइप -VIII) रामविलास पासवान को 14 मार्च 1990 को तत्कालीन श्रम और कल्याण मंत्री के रूप में आवंटित किया गया था लेकिन उन्होंने अपनी विभिन्न क्षमताओं के इस्तेमाल से वर्षों से बंगले पर कब्जा कर रखा था।

पांच बार बंगला खाली कराने गई थी टीम

जानकारी के अनुसार चिराग पासवान ने बंगला खाली करने के लिए भेजे गए नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया था। इसी के चलते पूर्व केंद्रीय मंत्री के परिवार के सदस्यों के खिलाफ 6 जनवरी 2021 को बेदखली की कार्यवाही शुरू की गई थी। यूडी मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, संपत्ति अधिकारी ने 14 जुलाई, 2021 को बेदखली का आदेश पारित किया था। इसके बाद निष्कासन टीम को बंगले में पांच बार भेजा गया था। अंत में 30 मार्च, 2022 को ही टीम ने बेदखली को अंजाम दिया। बता दें कि टाइप VIII बंगले आमतौर पर केंद्रीय मंत्रियों को आवंटित किए जाते हैं और यह बंगला भी मोदी सरकार में मंत्रियों को आवंटित किया जाना था, जिन्होंने पिछले साल सात जुलाई को शपथ ली थी।

चिराग का यह है आरोप

इससे पहले चिराग पासवान ने कहा था कि जिस तरह से घर खाली किया गया उससे मैं दुखी हूं। मैंने कभी नहीं कहा कि मैं हमेशा के लिए 12 जनपथ पर कब्जा करना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि मेरा परिवार कानून का सम्मान करता है और हम घर खाली करने के लिए तैयार थे, लेकिन हमें क्यों अपमानित किया गया। उन्होंने कहा, "बिहार की जनता ये सब देख रही है। वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने चिराग पासवान के समर्थन में आकर शनिवार को लोजपा संस्थापक के परिवार के सदस्यों को 12 जनपथ बंगले से बेदखल करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना की थी।