रायसेन किला में कैद शिवलिंग को मुक्त कराने के लिए सैकड़ों समर्थकों के साथ उमा भारती करेंगी शिवजी का अभिषेक

 

रायसेन किला में कैद शिवलिंग को मुक्त कराने उमा का साथ दे सकते हैं शिवराज

पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने ट्वीट किए हैं कि यह मान्यता है कि नवरात्रि के तुरंत बाद पहले सोमवार को शिवजी का अभिषेक करना चाहिए। मैं शिवजी के किसी सिद्ध स्थान को तलाश ही रही थी कि नवरात्रि के बाद गंगोत्री से लाए हुए गंगाजल से अभिषेक करूं।

रायसेन । प्राचीन रायसेन किला में कैद शिवलिंग को मुक्त कराने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती 11 अप्रैल को अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ किला के सोमेश्वर धाम मंदिर में शिवजी का अभिषेक करेंगी। गौरतलब है कि किला पर स्थित सोमेश्वर धाम शिव मंदिर के गर्भगृह में प्राचीन शिवलिंग स्थापित हैं। लेकिन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से गर्भगृह को वर्ष में एक बार शिवरात्रि पर सार्वजनिक दर्शनार्थ खोले जाते हैं। शेष दिन गर्भगृह में ताला लगा रहता है।मालूम हो कि भाजपा के सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का सोमवार को ही रायसेन आगमन संभावित है। चौहान सांची विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कउला में मतदाताओं का आभार व्यक्त करेंगे। माना जा रहे हैं कि जनभावनाओं को देखते हुए सीएम चौहान रायसेन किला स्थित सोमेश्वर धाम मंदिर पूजन-अर्चना करने जा सकते हैं। भोपाल के विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी इस मंदिर को खोलने व प्रतिदिन पूजन-पाठ होने के पक्ष में बयान देते हुए सीएम से बात करने को कहा था।

पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने ट्वीट किए हैं कि यह मान्यता है कि नवरात्रि के तुरंत बाद पहले सोमवार को शिवजी का अभिषेक करना चाहिए। मैं शिवजी के किसी सिद्ध स्थान को तलाश ही रही थी कि नवरात्रि के बाद के 11 अप्रैल सोमवार को गंगोत्री से लाए हुए गंगाजल से अभिषेक करूं। अचानक कल मप्र के एक प्रतिष्ठित अखबार से रायसेन में कथा कर रहे प्रतिष्ठित कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के हवाले से यह जानकारी मिली कि रायसेन के किले में एक ऐसा सिद्ध शिवलिंग है। रायसेन किला के नाम से ही मेरे अंत: में हूक उठती है।

जानकारी हो कि विश्व प्रसिद्ध इतिहासकार अब्राहम अर्ले ने अपनी पुस्तक एम्पायर्स ऑफ द पीकॉक थ्रोन में लिखा है कि किस तरह से रायसेन के राजा पूरणमल शेरशाह सूरी के विश्वासघात के शिकार हुए। किले के चारों तरफ घेरा डालकर शेरशाह सूरी ने राजा पूरणमल से संधि कर ली, फिर उनके परिवार व उनके सहायकों के टैंट को सूरी ने अपने अफगान सैनिकों के साथ घेर लिया तथा रात में राजा पूरणमल को घेर कर मार डाला। राजा बहुत बहादुरी से लड़े, मरने से पहले उन्होंने अपनी पत्नी रानी रत्नावली के अनुरोध पर उनकी गर्दन काट दी ताकि वह वहशियों ने खींच कर निकाला। दोनों मासूम बेटे वहीं काट दिए गए एवं राजा की अबोध कन्या वैश्यालय को सौंप दी। जहां वह दुर्दशा का शिकार होकर मर गई।

उमा भारती ने कहा कि जब भी मैं रायसेन के किला के आसपास से गुजरी यह प्रसंग मुझे याद आता था एवं बहुत दुखी व शर्मिता होती थी। जब डॉ. प्रभुराम चौधरी के चुनाव प्रचार में मैंने व शिवराज जी ने रायसेन में एक साथ सभा की थी तब मैंने रायसेन किले की ओर देखते हुए यह बात कही थी कि इस किले को देखकर मुझे बहुत कष्ट होता है और आज जब हमार भाजपा का झंडा इसके सामने फहरा रहा है तो कुछ शांति होती है। राजा पूरणमल के साथ हुई घटना नीचता, विश्वासघाट व वहशीपन की याद दिलाती है। मुझे अपनी इस अज्ञानता पर शर्मिंदगी है कि मुझे उस प्राचीन किले में सिद्ध शिवलिंग होने की जानकारी नहीं थी। मैंने अपने कार्यालय से कल कहा था कि रायसेन जिला प्रशासन को 11 अप्रैल सोमवार को मेरे वहां जल चढ़ाने की सूचना दें। जब मैं सोमवार को उस सिद्ध शिवलिंग पर गंगोत्री से लाया हुआ गंगाजल चढ़ाऊंगी तब राजा पूरणमल, उनकी पत्नी रत्नावली, उनके मार डाले गए दोनों मासूम बेटे एवं वहशी दुर्दशा की शिकार होकर मर गई अबोध कन्या एवं उन सब के साथ मारे गए राजा पूरणमल के सैनिक उन सबका मैं तर्पण करूंगी एवं अपनी अज्ञानता के लिए क्षमा मांगूंगी।

रायसेन किला पर आक्रमण करके शेरशाह सूरी ने 1543 में राजा पूरणमल की हत्या करने के बाद यहां पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर को बंद करा दिया था। आजादी के बाद मंदिर खोलवाने की हिंदू संगठनों ने मांग उठाई थी। जनआंदोलन को देखते हुए 1974 में तत्कालीन सीएम प्रकाशचंद सेठी ने शिवरात्रि पर किला पहुंचकर मंदिर खोलवाया व मेला लगवाया था। तब से वर्ष में एक दिन सिर्फ शिवरात्रि पर मंदिर के कपाट सार्वजनिक दर्शनार्थ खोले जाते हैं व मेला लगता है।

केंद्र व राज्य में भाजपा की सरकारें होने के कारण अब मंदिर को प्रतिदिन खोलने व पूजन-पाठ की अनुमति मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने आजादी के समय इस मंदिर को ऐसी सूची में शामिल किया था जहां नियमित पूजन-पाठ नहीं होता। इसलिए नियमानुसार भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने यथास्थिति बनाए रखने के लिए मंदिर को बंद रखा हुआ है।

किला स्थित शिव मंदिर के कपाट प्रतिदिन खोलने व नियमित पूजन-पाठ करने की मांग को लेकर हिंदू संगठनों के साथ ही भाजपा-कांग्रेस भी एकमत हैं। क्षेत्री विधायक व प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, पूर्व मंत्री व सिलवानी विधायक रामपाल सिंह राजपूत ने जिला योजना समिति के माध्यम से मंदिर को नियमित खोलवाने का प्रस्ताव राज्य व केंद्र सरकार को भेजने की बात कही है। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष पतिराम प्रजापति, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. जयप्रकाश किरार, कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष ठाकुर जीवन सिंह शेरपुर ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मंदिर को प्रतिदिन खोलने व पूजन-पाठ की अनुमति मांगी है।