रूस और यूक्रेन युद्ध के बीच पीएम मोदी के मध्यस्थता वाले रुख की आस्ट्रेलिया ने की सराहना, कहा- यह एक सकारात्मक संकेत

 

पीएम मोदी और आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्काट मारिसन की फाइल फोटो

भारत द्वारा आस्ट्रेलिया के साथ किए गए व्यापार सौदे पर संक्षेप में बात करते हुए उच्चायुक्त ने कहा कि इसका मतलब है कि भारत में कंपनियां किसान और प्रौद्योगिकीविद आस्ट्रेलिया को अधिक बेचते हैं और इसके विपरीत और यह देश के लिए अच्छा है।

नई दिल्ली, एएनआइ। रूस और यूक्रेन युद्ध के बीच भारत की मध्यस्थता वाली भूमिका को लेकर आस्ट्रेलिया समेत कई देश पीएम मोदी की तारीफ कर रहे हैं। भारत में आस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त बैरी ओ'फेरेल (Barry O'Farrell) ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से बात करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल की सराहना की है। साथ ही कहा कि यह एक सकारात्मक संकेत है कि भारत मध्यस्थता करके दोनों देशों के बीच चल रही स्थिति को संभालेगा। समाचार एजेंसी एएनआइ से बात करते हुए बैरल ने कहा कि पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से तीन बार और यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमिर जेलेंस्की के साथ दो बार बात की है। यह अच्छी बात है क्योंकि यह दर्शाता है कि भारत इन मुद्दों को हल करने का प्रयास करना चाहता है।इसके अलावा भारत द्वारा आस्ट्रेलिया के साथ किए गए व्यापार सौदे पर संक्षेप में बात करते हुए उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि भारत में कंपनियां, किसान और प्रौद्योगिकीविद आस्ट्रेलिया को अधिक बेचते हैं और इसके विपरीत और यह देश के लिए अच्छा है। उन्होंने भारत के व्यापार की सराहना करते हुए कहा कि यह जीवन स्तर और नौकरियों में मदद करता है और यह हमारे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा की गारंटी भी देता है।

भारत - आस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक और व्यापार समझौते पर हुए हस्ताक्षर

बता दें कि भारत-आस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (Ind Aus ECTA) पर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और उनके समकक्ष आस्ट्रेलियाई व्यापार, पर्यटन और निवेश मंत्री डैन तेहान ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके आस्ट्रेलियाई समकक्ष स्काट मारिसन की उपस्थिति में एक वर्चुअल समारोह में हस्ताक्षर किए।

इस समझौते से अगले 4 से 5 सालों में पैदा होंगी दस लाख नौकरियां: पीयूष गोयल

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस व्यापार समझौते से अगले 4 से 5 सालों में दस लाख नौकरियां पैदा होंगी। एक दशक से अधिक समय के बाद विकसित अर्थव्यवस्था के साथ यह पहला व्यापार समझौता है। यह समझौता यूके, कनाडा और यूरोपीय संघ जैसे अन्य विकसित देशों के समझौतों के लिए संकेत होगा, जिनके साथ भारत वर्तमान में मुक्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत कर रहा है।

गौरतलब है कि आस्ट्रेलिया भारत का 17वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है और भारत आस्ट्रेलिया का नौवां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। मर्चेंडाइज और सेवाओं दोनों के लिए भारत और आस्ट्रेलिया द्विपक्षीय व्यापार का मूल्य 2021 में 27.5 बिलियन अमरीकी डालर था। आस्ट्रेलिया को भारत का माल निर्यात 2019 और 2021 के बीच 135 प्रतिशत बढ़ा है।