पृथ्वीनाथ मंदिर में ढोल नगाड़ों और शंख ध्वनि के साथ निकाली कलश यात्रा, श्रीराम कथा श्रवण को उमड़े श्रद्धालु

 

सहारनपुर चौक स्थित पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में कलश यात्रा के साथ श्रीराम कथा शुरू हो गई।

कथा प्रवचन करते हुए उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा सुनने से जीने की प्रेरणा मिलती है। कैसा पति होना चाहिए कैसी पत्नी होनी चाहिए पुत्र कैसा हो कैसा भाई होना चाहिए कैसा परिवार होना चाहिए यह सभी हमें श्री रामचरितमानस पढऩे और सुनने से ज्ञान होता है।

 संवाददाता, देहरादून : पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर सेवादल की ओर से सहारनपुर चौक स्थित पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में कलश यात्रा के साथ श्रीराम कथा शुरू हो गई।  बुधवार को पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में जयघोष, ढोल नगाड़ों और शंख ध्वनि के साथ मंदिर क्षेत्र में कलश यात्रा शुरू हुई। पृथ्वीनाथ मंदिर से प्रस्थान कर मालियान मोहल्ला, आढ़त बाजार से परिक्रमा कर वापस मंदिर में विश्राम लिया।

मथुरा वृंदावन से पधारे कथा व्यास सुदेशुनंदन का तिलक और माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। कथा प्रवचन करते हुए उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा सुनने से जीने की प्रेरणा मिलती है। कैसा पति होना चाहिए, कैसी पत्नी होनी चाहिए, पुत्र कैसा हो, कैसा भाई होना चाहिए, कैसा परिवार होना चाहिए यह सभी हमें श्री रामचरितमानस पढऩे और सुनने से ज्ञान होता है। श्रीराम कथा श्रवण करने से पापों से मुक्ति मिलती है और इसी जन्म में मनुष्य सभी प्रकार के सुख भोगता है। इस दौरान दिगंबर भागवत पुरी, दिगंबर दिनेश पुरी, आचार्य शिवम, सुनील अग्रवाल, दिलीप सैनी, संजय गर्ग, आदित्य अग्रवाल, विकी गोयल, अनुराग अग्रवाल कांता अग्रवाल, प्रीति गुप्ता, मेघा गर्ग, अवंतिका मित्तल, संगीता गुप्ता आदि मौजूद रहे।

दुर्गा सप्तशती का किया पाठ

नवरात्र पर मंदिर में मां भगवती के पंचम स्वरूप स्कंदमाता की पूजा- अर्चना की गई। दुर्गा सप्तशती के पाठ किए। महिला मंडल द्वारा रंग बरसे मां के भवन में रंग बरसे, मां शेरावाली, मां का चोला है रंग लाल, किसने सजाया तेरा दरबार बड़ा प्यारा लागे आदि भजन गाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।