अब बंगाल में एक क्‍लब ने महिलाओं के खिलाफ फतवा किया जारी, शाम साढ़े छह बजे के बाद पार्क में रहने पर रोक

 

इसे लेकर विवाद छिडऩे पर फैसले को ले लिया गया वापस। सांकेतिक तस्‍वीर।

बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के एक क्लब ने महिलाओं के लिए अजीबोगरीब फतवा जारी किया है। क्‍लब ने स्थानीय एक पार्क में शाम साढ़े छह बजे के बाद महिलाओं के रहने पर रोक लगा दी। हालांकि जब इसे लेकर विवाद शुरू हुआ तो इस फैसले को वापस ले लिया।

कोलकाता, राज्य ब्यूरो। बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के एक क्लब ने महिलाओं के लिए अजीबोगरीब 'फतवा' जारी किया। क्‍लब ने फतवा जारी कर स्थानीय एक पार्क में शाम साढ़े छह बजे के बाद महिलाओं के रहने पर रोक लगा दी। हालांकि जब इसे लेकर विवाद शुरू हुआ तो इस फैसले को वापस ले लिया। वाकया जिले के रांगामाटी इलाके का है। स्थानीय एक पार्क का डायमंड स्पोर्टिंग क्लब रखरखाव करता है। पार्क के गेट पर एक बोर्ड लगाया गया, जिसमें लिखा था कि पार्क में खेलने का समय शाम चार बजे से आठ बजे तक है, लेकिन महिलाएं शाम साढ़े छह बजे तक ही पार्क में रह पाएंगी। पुरूष हालांकि निर्धारित समय रात आठ बजे तक पार्क में रह सकते हैं।

प्रतिवाद देख निर्देश लिया वापस

इसे लेकर विवाद छिड़ गया। स्थानीय महिलाओं व बुद्धिजीवियों ने इसका प्रतिवाद किया। इसके बाद इस निर्देश को वापस ले लिया गया। क्लब के सचिव रूपक मंडल ने सफाई पेश करते हुए कहा-'महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही यह निर्णय लिया गया था। इसके पीछे दूसरा कोई कारण नहीं है। इसे लेकर फैली गलतफहमी को देखते हुए पार्क के गेट से बोर्ड को हटा दिया गया है।

यह भी अजीबोगरीब फरमान

गौरतलब है कि पिछले दिनों ही पासवर्ती जिले पूर्व मेदिनीपुर के महिषादल ब्लाक में तृणमूल कांग्रेस नियंत्रित चकद्वारिबेड़ा ग्राम कमेटी ने अजीबोगरीब फरमान जारी किया है। 12-सूत्री इस फरमान में कहा गया है कि ग्राम कमेटी के अधिकार क्षेत्र में आने वाले घरों में मांगलिक अथवा श्राद्ध कार्यक्रम करने पर ग्राम कमेटी को इसकी सूचना देनी होगी और उससे इसके आयोजन की मंजूरी लेनी होगी। गांव की किसी लड़की के भागकर शादी करने अथवा लड़के के किसी को ब्याह कर घर लाने पर ग्राम कमेटी को सजा के तौर पर हर्जाना देना होगा। फरमान में आगे कहा गया कि गांव का कोई वाशिंदा मुसलमानों को अपनी जमीन नहीं बेच पाएगा। कोई भी समस्या होने पर प्रशासन से संपर्क करने के बजाए ग्राम कमेटी के पास आना होगा। पारिवारिक झगड़ा व पड़ोसियों से विवाद होने पर ग्राम कमेटी को इसकी जानकारी देनी होगी।