कर्नाटक में पेंशन से भगवान गणेश का मंदिर बनवाकर एक मुसलमान ने सबका दिल जीता, कहा- ईश्‍वर एक है तो भेद कैसा

 

कर्नाटक के एक मुस्लिम चौकीदार ने भगवान गणेश का मंदिर बनवाया है। (symbolic image)

ऐसे में जब कर्नाटक में धर्मांधता की आग भड़कने लगी है। एक मुसलमान के काम की हर तरफ तारीफ हो रही है। पी. रहमान कहते हैं कि इंसान के तौर हिंदू और मुस्लिम में कोई फर्क नहीं है। हमारा खून एक है। ईश्‍वर भी एक है...

चमराजानगर, आइएएनएस। कनार्टक में जब धार्मिक आधार पर नफरत की आग भड़कने लगी है तब एक मुसलमानों के हाथों भगवान गणेश का मंदिर बनने की घटना अपने आप में बहुत राहत देने वाली है। कर्नाटक के चमराजानगर के चिखोले रिजर्व में एक मुस्लिम चौकीदार के अपनी पेंशन की रकम से मंदिर बनवाने की चर्चा हो रही है। पी. रहमान ने कहा कि उन्हें दिव्य शक्तियों ने मंदिर बनवाने का निर्देश उनके सपने में दिया था। उन्होंने उन्हीं निर्देशों का पालन किया है।

रहमान ने नासिर्फ मंदिर बनवाया है बल्कि उन्होंने मंदिर में एक पुजारी भी नियुक्त किया है जिसे वह हर महीने अपनी जेब से चार हजार रुपये का वेतन भी देते हैं। वह हर हफ्ते सोमवार और शुक्रवार को वहां पूजा के लिए फूलों और अन्य पूजन सामग्री की व्यवस्था भी करते हैं। पूजा के बाद रहमान प्रसादम का भी वितरण करते हैं। जब रहमान से आजकल के माहौल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह नहीं समझ पा रहे कि लोग ऐसा क्यों कर रहे हैं।

रहमान कहते हैं कि मनुष्यों में केवल पुरुष और महिला का अंतर है। बाकी सब तो एक ही हैं। उन्होंने कहा कि चार साल पहले यह मंदिर बनवाया था। इससे बनाने के लिए मैंने अपनी पेंशन खर्च कर दी, लेकिन परिवार ने कभी विरोध नहीं किया। मेरे समुदाय के लोगों को भी इस बात से कोई परेशानी नहीं है कि मैं हिंदू भगवान की पूजा क्यों करता हूं या मैंने क्यों मंदिर बनवाया है।

रहमान का कहना है कि इंसान के तौर पर हिंदू और मुस्लिम में कोई अंतर नहीं है। हमारा एक ही खून है। चिक्काहोल बांध के पास एक शिलाखंड पर एक मूर्ति थी जो चोरी हो गई। मैंने स्थानीय संतों से परामर्श किया और भगवान गणेश की मूर्ति लाने के लिए तमिलनाडु गया। ईश्‍वर एक है। उनके सच्‍चे भक्त इसके लिए अंतर नहीं करते हैं कि मंदिर एक मुसलमान की ओर से बनाया जा रहा है। मुझे समझ नहीं आता कि अचानक से कलह क्यों हो गई है।