राजस्थान और हरियाणा के लोगों की एक प्रमुख मांग को लेकर मुखर हुए लालू प्रसाद यादव के दामाद

 

राजस्थान और हरियाणा के लोगों की एक प्रमुख मांग को लेकर मुखर हुए लालू प्रसाद यादव के दामाद

दैनिक जागरण के जनता मांगे आरआरटीएस को लेकर लालू प्रसाद यादव के दामाद और रेवाड़ी से कांग्रेस विधायक चिरंजीव राव ने भारतीय जनता पार्टी सरकार को निशाने पर लिया है। उनका कहना है कि इसकी लेटलतीफी में भाजपा के नेताओं का हाथ है।

रेवाड़ी, संवाददाता। क्षेत्र की तस्वीर व तकदीर बदलने में सक्षम सिद्ध होने वाली आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) परियोजना के दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-अलवर कारिडोर को लेकर लोग मुखर होने लगे हैं। दैनिक जागरण के 'जनता मांगे आरआरटीएस अभियान' के बाद लोगों को इस परियोजना का काम जल्दी पूरा होने की उम्मीद बंधने लगी है। भाजपा नेता जहां परियोजना की दिल्ली में पैरवी के आश्वासन दे रहे हैं, वहीं विपक्ष के नेताओं को भी अपना कर्तव्य याद आने लगा है।  इस बीच बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के दामाद और रेवाड़ी से कांग्रेस के विधायक चिरंजीव राव का कहना है कि भाजपा सरकार आरआरटीएस को लेकर कभी गंभीर नहीं हुई। भाजपाई केवल कारिडोर की बातें करते हैं। हमें बातें नहीं जमीन पर काम चाहिए। युवा विधायक ने आरआरटीएस के मुद्दे पर केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकार को भी जमकर घेरा।

उन्होंने कहा कि जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री दिल्ली-अलवर कारिडोर का काम शुरू करवा सकते हैं तो हरियाणा के मुख्यमंत्री क्यों कमजोरी दिखा रहे हैं। उन्हें भी केंद्र सरकार पर पूरा दबाव बनाकर हरियाणा के विकास को गति प्रदान करने वाली इस योजना को सिरे चढ़वाना चाहिए।

चिरंजीव राव ने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने शीघ्र ही दिल्ली-अलवर कारिडोर के प्रथम चरण में दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी (शाहजहांपुर-नीमराणा-बहरोड़ स्टेशन) स्टेशन तक प्रस्तावित कारिडोर की डीपीआर को मंजूरी नहीं दी तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। विधायक ने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि मोदी व मनोहर सरकार को बातें करने की बजाय जनहित से जुड़ी परियोजनाओं को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर प्राथमिकता देनी चाहिए।

कई नेताओं ने की सार्थक पहल

आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) के दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-अलवर कारिडोर के प्रथम चरण का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करवाने के लिए अब कई नेताओं ने सार्थक पहल की है। चिरंजीव राव से पहले गुरुग्राम के सांसद व केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, अलवर के सांसद बाबा बालकनाथ, कैबिनेट मंत्री डा. बनवारीलाल, गुरुग्राम के विधायक सुधीर सिंगला, बादशाहपुर के विधायक राकेश दौलताबाद, पटौदी के विधायक सत्यप्रकाश जरावता व सोहना के विधायक संजय ¨सह सहित कई उद्यमी व व्यवसायी भी जागरण के माध्यम से अपनी आवाज उठा चुके हैं।

उद्योग जगत को इंतजार

राजस्थान के नीमराणा, बहरोड़ व शाहजहांपुर तथा हरियाणा के मानेसर, धारूहेड़ा, गुरुग्राम व बावल औद्योगिक क्षेत्रों की उम्मीद इस परियोजना पर टिकी हुई है। उद्यमियों का यह मानना है कि आरआरटीएस कारिडोर पर देश की सबसे तेज रफ्तार सब अर्बन त्वरित मेट्रो (उप नगरीय द्रुतगामी मेट्रो सेवा) दौड़नी शुरू होने के बाद पूरे दिल्ली-एनसीआर की तकदीर बदल जाएगी।

लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि जब इस परियोजना की जिम्मेदारी संभाल रहे एनसीआरटीसी (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्रीय परिवहन निगम) में भागीदार हरियाणा, राजस्थान व दिल्ली सरकार दिल्ली-अलवर कारिडोर के प्रथम चरण की डीपीआर को लगभग तीन वर्ष पूर्व ही स्वीकृति दे चुके हैं तब केंद्र सरकार को इसे स्वीकृति देने में देर नहीं लगानी चाहिए।