सुप्रीम कोर्ट का आदेश, विलय सौदे पर मध्यस्थता की कार्यवाही फिर हो शुरू

 

Amazon-Future Dispute Case: सुप्रीम कोर्ट का आदेश (फाइल फोटो)

Amazon-Future Dispute Case इससे पहले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया था कि क्या वह अमेजन की याचिका पर कोई अंतरिम आदेश जारी कर सकता है। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है।

नई दिल्ली, पीटीआइ। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को रिलायंस रिटेल लिमिटेड के साथ फ्यूचर रिटेल के 24,500 करोड़ रुपये के विलय सौदे पर मध्यस्थता की कार्यवाही को फिर से शुरू करने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने विलय सौदे पर मध्यस्थता की कार्यवाही को फिर से शुरू करने को कहा है। पीठ ने कहा कि एसआईएसी ट्रिब्यूनल मध्यस्थता और सुलह अधिनियम के प्रावधान के तहत दायर एफआरएल की याचिका पर एक उचित आदेश पारित करेगा।

इससे पहले, शीर्ष अदालत ने फ्यूचर ग्रुप और अमेजन को संयुक्त रूप से दिल्ली उच्च न्यायालय से अनुरोध करने के लिए कहा था कि वह पहले अमेजन की याचिकाओं पर सुनवाई करे, जो एफआरएल की संपत्ति के संरक्षण से संबंधित है। अमेजन ने दिल्ली उच्च न्यायालय के 5 जनवरी के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया था।

आपको बता दें कि रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप (FRL) के बीच 24,713 करोड़ रुपये की डील को लेकर पूरा विवाद है। जिसपर अमेरिका की ई कामर्स दिग्गज कंपनी अमेजन विरोध जता रही है। अमेजन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर अपील किया है कि फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (FRL) अपनी संपत्तियों को तब तक न बेचे जब तक विवाद खत्म नहीं होता। बता दें कि इन संपत्तियों में बिग बाजार के स्टोर्स भी शामिल ह

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