आदित्यपुर स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव को लेकर आंदोलन की तैयारी, लंबे समय से हो रही मांग

 

आदित्यपुर स्टेशन इन ट्रेनों को ठहराव नहीं होने के कारण प्रतिदिन 8 से 10 हजार का नुकसान हो रहा है।

Indian Railways जनकल्याण मोर्चा समेत विभिन्न दलों द्वारा आदित्यपुर रेलवे स्टेशन को लेकर साढ़े तीन वर्ष तक आंदोलन किया गया। इसके बाद 19 फरवरी 2002 में आदित्यपुर रेलवे स्टेशन बना। उसके बाद करीब एक वर्ष तक आंदोलन किया गया।

जमशेदपुर,सं। लंबे समय के आंदोलन के बाद आदित्यपुर स्टेशन पर ठहराव शुरू हुए एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव एक बार फिर नहीं होने से आम जनता को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर लोगों में काफी रेलवे के प्रति काफी आक्रोश व्याप्त हो गया है। इसको लेकर स्थानीय लोगों द्वारा रेलवे के खिलाफ जोरदार आंदोलन करने की तैयारी में है। बताया जाता है कि इससे आदित्यपुर स्टेशन को न सिर्फ राजस्व का नुकसान हो रहा, बल्कि स्थानीय लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बताया जाता है कि आदित्यपुर में बिहार के विभिन्न क्षेत्र के रहने वाले लोगों का रहना होता है। जब आदित्यपुर में यह ट्रेन का ठहराव होता था, तो आम जनता को काफी सुविधा होती थी।

कब शुरू हुई ट्रेन

जनकल्याण मोर्चा समेत विभिन्न दलों द्वारा आदित्यपुर रेलवे स्टेशन को लेकर साढ़े तीन वर्ष तक आंदोलन किया गया। इसके बाद 19 फरवरी 2002 में आदित्यपुर रेलवे स्टेशन बना। उसके बाद करीब एक वर्ष तक आंदोलन किया गया। तब जाकर एक जून 2003 को तत्कालीन रेल मंत्री नीतीश कुमार के आदेश पर आदित्यपुर रेलवे स्टेशन पर साउथ बिहार एक्सप्रेस, टाटा-छपरा, टाटा- एल्लेपी का ठहराव शुरू हुआ। लेकिन वर्ष 2019 कोरोना काल में बंद होने के बाद अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।

स्टेशन को प्रतिदिन 8 से 10 हजार का नुकसान

आदित्यपुर रेलवे स्टेशन इन ट्रेनों को ठहराव नहीं होने के कारण प्रतिदिन 8 से 10 हजार का नुकसान हो रहा है। वहीं यात्रियों द्वारा पूर्व के समय में आदित्यपुर स्टेशन से ही इन ट्रेनों का सामान्य टिकट मिल जाती थी। अब ट्रेन बंद होने के कारण आदित्यपुर स्टेशन में जेनरल टिकट की बुकिंग बंद करके केवल रिजर्वेशन कराया जाता है। आदित्यपुर स्टेशन पर इन ट्रेनों का ठहराव होने से प्रतिदिन 100 से 200 यात्रियों को आना-जाना होता था।

400 रुपये लगता है केवल टाटानगर जाने में

आदित्यपुर स्टेशन में ट्रेन बंद होने के कारण अब लोगों को टाटानगर स्टेशन से ट्रेन पकड़ना पड़ता है। इसको लेकर उनको एक घंटे पहले जाने के साथ ही स्टेशन तक आदित्यपुर से पहुंचने में 400 रुपये किराया लग जाता है। आदित्यपुर स्टेशन में ट्रेन का ठहराव होने पर समय और पैसा दोनों बचता है।

आंदोलन होगा

रेल सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य सह कांग्रेस नेता सुरेश धारी ने कहा कि आदित्यपुर एक तरह का छोटा बिहार है, जहां छपरा, कटिहार समेत बिहार जाने वाले काफी लोग हैं। ऐसे में कोरोना काल में ट्रेन बंद किया गया। लेकिन अब-जब सब कुछ सामान्य है, तो ट्रेन नहीं शुरू होने से आम जनता को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर अप्रैल में जोरदार आंदोलन होगा।