सऊदी अरब व ईरान के खजूर से सजी दिल्ली की दुकानें, इन किस्मों की सबसे ज्यादा मांग

 

अजवा सबसे महंगा खजूर है और इसकी डिमांड भी काफी बढ़ रही है।

इस्लाम के आखिरी पैगंबर हजरत मोहम्मद का पंसदीदा फल खजूर था। वह खजूर खाकर रोजा खोलते थे। जामा मस्जिद के पास उर्दू बाजार में खजूर बेचने वाले मोहम्मद मंजूर आलम ने बताया कि अजवा कलमी अंबर मगरुब व मरियम सहित कई प्रकार के खजूर की बिक्री हो रही है।

नई दिल्ली,  संवाददाता। रमजान के लिए बाजार सज गए हैं। सहरी और रोजा इफ्तार के खजूर की कई किस्में बाजार में मौजूद हैं। इसकी कीमत दो सौ रुपये से लेकर ढाई हजार रुपये प्रतिकिलो तक है। इसके लिए बाजार में लोग खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। रमजान के दौरान खजूर की अधिक मांग रहती है। ऐसे में अस्थायी तौर पर खजूर की बिक्री करने वाले विक्रेता भी बाजार में आ गए हैं।

पुरानी दिल्ली में फतेहपुरी मस्जिद, जामा मस्जिद, चांदनी चौक, चावड़ी बाजार व खारी बावली में रमजान के मद्देनजर खजूर की दुकानें सजी हुई हैं। सभी बाजारों में सबसे ज्यादा मांग सऊदी अरब से आने वाली खजूर की अलग-अलग किस्मों की है। हालांकि बीते वर्षो की तुलना में अलग-अलग किस्मों में 20 से लेकर 500 रुपये की बढोतरी हुई है।

जामा मस्जिद के पास उर्दू बाजार में खजूर बेचने वाले मोहम्मद मंजूर आलम ने बताया कि अजवा, कलमी, अंबर, मगरुब व मरियम सहित कई प्रकार के खजूर की बिक्री हो रही है। उन्होंने बताया कि सर्वाधिक मांग तीन सौ से पांच सौ रुपये प्रतिकिलो वाले खजूर की होती है। वहीं, कई उपभोक्ता सऊदी अरब, इराक और ईरान से आने वाले अजवा खजूर की मांग करते हैं।

यह दो से ढ़ाई हजार रुपये प्रतिकिलो से शुरू होता है। अजवा सबसे महंगा खजूर है। माना जाता है कि इस्लाम के आखिरी पैगंबर हजरत मोहम्मद का पंसदीदा फल खजूर था। वह खजूर खाकर रोजा खोलते थे।वहीं, रमजान शुरू होने वाले हैं। इसे देखते हुए मुस्लिम आबादी वाले इलाकों में पानी और साफ-सफाई के लिए विशेष प्रबंध करने की मांग की गई है। इसको लेकर रमजान-उल-मुबारक इंतजामिया कमेटी ने उपराज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अर¨वद केजरीवाल को पत्र लिखा है।