वुहान से भी खराब हो सकती है शंघाई की स्थिति, लगातार बढ़ते कोरोना के मामलों ने बढ़ाई पेरेंट्स की चिंता, जानें- कैसे

 

शंघाई में बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले (फाइल फोटो)

शंघाई में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि यहां की स्थिति वुहान से भी भयावह हो सकती है। कोरोना के चलते लगे लाकडाउन की वजह से लोगों का भी गुस्‍सा बढ़ रहा है।

बीजिंग (एजेंसियां)। चीन के आर्थिक केंद्र कहे जाने वाले शंघाई में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसकी वजह से शहर में पाबंदियां भी बढ़ गई हैं। शहर में पहले से ही डबल स्टेज लाकडाउन जारी है। ऐसे में अब लोगों का भी संयम जवाब देने लगा है। इसकी एक बड़ी वजह शंघाई में कोविड जीरो पालिसी का लागू होना भी है। एएनआई ने चीन की मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से बताया है कि वहां पर अब लोगों ने इस लाकडाउन का विरोध भी करना शुरू कर दिया है। चीन में बीते दिन रिकार्ड संख्या में कोरोना के नए मामले सामने आए हैं। 

ग्‍लोबल फाइनेंशियल हब है शंघाई 

गौरतलब है कि पूरी दुनिया में शंघाई की पहचान एक ग्लोबल फाइनेंशियल हब की है। ग्लोबल टाइम्स की खबर के मुताबिक जानकारों को मानना है कि शंघाई में बड़ी संख्या में कोरोना के मामलों का सामने आना खतरे को संकेत है। जारकारों के मुताबिक यहां का हाल चीन के वुहान से भी अधिक खतरनाक हो सकता है। हालांकि, इन जारकारों का ये भी कहना है कि मामलों की गंभीरता यहां पर वुहान की तरह इस बार नहीं होगी।

कोरोना के बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता 

एएनआई की खबर के अनुसार शंघाई में कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों ने प्रशासन की भी चिंता बढ़ा दी है। स्थिति को देखते हुए सरकार ने मास स्क्रीनिंग का दायरा बढ़ाने की प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी है। बीते 24 घंटों के दौरान यहां पर कोरोना के जितने मामले सामने आए हैं वो पिछले तीन दिनों के दौरान सामने आए मामलों से अधिक हैं। रायटर्स के मुताबिक शंघाई में शनिवार को 6051 मामले रिपोर्ट किए गए हैं। इससे पहले इन मामलों की संख्‍या 4144 थी। शंघाई नगर निगम कमीश्नर वू कियांयू ने एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि सरकार अधिक जांच कर रही है, इसकी ही वजह से ये मामले सामने आए हैं।

महामारी को फैलने से रोकने की कोशिश

उन्होंने ये भी बताया कि जीरो कोविड पालिसी की वजह से ही हम इसकी रोकथाम के जल्द उपाय कर पा रहे हैं। मरीजों को सही समय पर इलाज दिया जा रहा है और उन्हें दूसरों से अलग कर आइसोलेट किया जा रहा है। इसकी वजह से अधिक लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। वू के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग महामारी को फिर से फैलने से रोकने के लिए पूरी कोशिश कर रहा है। आपको बता दें कि शंघाई के अस्पतालों में पिछले दिनों में कई मरीज भर्ती किए गए हैं और कई मरीजों की मौत भी हुई है।

पाजीटिव बच्‍चों को किया जा रहा पेरेंट्स से अलग 

वहीं रायटर्स की खबर में बताया गया है कि यहां पर कोरोना के बढ़ते मामलों ने छोटे बच्‍चों को अपने पेरेंट्स से दूर कर दिया है। चीन में स्थिति अमेरिका, फ्रांस और इटली के कांउसलेट ने चीन में मौजूद अपने नागरिकों से इसको लेकर चेतावनी दी है। इसमें कहा गया है कि चीन में प्रशासन कोरोना की रोकथाम को इस तरह का कदम उठा रहा है। ईस्‍थर झाओ ऐसी ही एक मां है जिसकी ढाई साल की बच्‍ची को जांच के बाद कोविड पाजीटिव पाया गया है। इसके बाद उसको मां से अलग किया गया है। उसकी मां का कहना है कि वो काफी छोटी है इसलिए वो अलग नहीं रह सकेगी। मां के विरोध के बाद डाक्‍टरों झाओ को यहां तक की धमकी भी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो उसकी बच्‍ची को अस्‍पताल से बाहर कर दिया जाएगा।