बढ़ती गर्मी और बारिश की कमी से बिजली की मांग पहुंची पांच हजार मेगावाट के पार

 

बिजली की मांग पांच हजार मेगावाट के ऊपर पहुंची है।

इस बार मार्च से ही पड़ रही गर्मी का असर बिजली की खपत पर भी है। मार्च में ज्यादा मांग रहने के बाद अब अप्रैल में भी पिछले वर्षों की तुलना में ज्यादा है। पिछले कई दिनों से अधिकतम मांग 45 सौ मेगावाट से ऊपर रह रही थी।

नई दिल्ली surender Aggarwal। Delhi Electricity Consumption: तापमान बढ़ने के साथ ही राजधानी में बिजली की मांग में भी बढ़ोतरी होने लगी है। शुक्रवार को अधिकतम मांग पांच हजार मेगावाट के पार पहुंच गई। दिल्ली में पहली बार 10 अप्रैल के पहले बिजली की मांग पांच हजार मेगावाट के ऊपर पहुंची है। यही स्थिति रही तो मांग इसी माह छह हजार मेगावाट तक पहुंच सकती है।

बढ़ती गर्मी असर बिजली की खपत पर

स बार मार्च से ही पड़ रही गर्मी का असर बिजली की खपत पर भी है। मार्च में ज्यादा मांग रहने के बाद अब अप्रैल में भी पिछले वर्षों की तुलना में ज्यादा है। पिछले कई दिनों से अधिकतम मांग 45 सौ मेगावाट से ऊपर रह रही थी। शुक्रवार को शाम लगभग चार बजे यह 5036 मेगावाट दर्ज तक पहुंच गई। न्यूनतम मांग भी 3446 मेगावाट तक पहुंच गई है।

एसी और कूलर का इस्तेमाल हो रहा ज्यादा

बिजली अधिकारियों का कहना है कि इस बार मार्च के बाद अप्रैल में भी अब तक बारिश नहीं हुई है। गर्मी ज्यादा बढ़ने से लोग एयर कंडीशनर (एसी) और कूलर का प्रयोग ज्यादा कर रहे हैं। इससे बिजली की खपत बढ़ रही है। बिजली वितरण कंपनियों को अनुमान है कि इस बार मांग आठ हजार मेगावाट से ऊपर जा सकती है। इसे ध्यान में रखकर सभी तैयारी की जा रही है।

नेटवर्क को किया जा रहा दुरुस्त

विभिन्न संयंत्रों से बिजली की अतिरिक्त व्यवस्था करने के साथ ही बिजली के नेटवर्क को दुरुस्त किया जा रहा है जिससे कि लोड बढ़ने के बावजूद किसी तरह की परेशानी न हो। पिछले दिनों दिल्ली सरकार ने बिजली वितरण कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने को कहा है।

10 अप्रैल तक अधिकतम मांगः-

वर्ष- अधिकतम मांग

2020-2465 मेगावाट

2019-4661मेगावाट

2018-4402मेगावाट

अप्रैल में अधिकतम मांगः-

वर्ष-अधिकतम मांग

16 अप्रैल, 2021- 4372मेगावाट

30 अप्रैल, 2020- 3362मेगावाट

30 अप्रैल, 2019- 5664मेगावाट

30 अप्रैल, 2018- 5664मेगावाट