मालिक के दस लाख रुपये लेकर दो साल से फरार था ड्राइवर, जोमैटो की मदद से पकड़ा गया, पढ़िए कैसे मिला सुराग

 

नंबर से आर्डर किए गए सही पते के बारे में जानकारी प्राप्त की और उसके बाद उसे दबोच लिया।

मुकेश कई सालों से रानीबाग में रहने वाले एक व्यवसायी के यहां चालक की नौकरी करता था। विश्वास जीतने के चलते अकसर मालिक उसे बैंक में पैसे जमा करने के लिए भेजते थे। 2020 में व्यवसायी ने उसे 10 लाख रुपये बैंक में जमा करने के लिए भेजा था।

नई दिल्ली, संवाददाता। मालिक के दस लाख रुपये गायब करने के मामले में क्राइम ब्रांच ने आरोपित चालक को गिरफ्तार कर लिया। वारदात के बाद दो साल से आरोपित फरार था। वह अपना मोबाइल नंबर बदलकर जींद, हरियाणा के एक गांव में परिवार के साथ छिपकर रह रहा था। उसके दिल्ली के नए नंबर के बारे में पुलिस को जानकारी तो मिल गई थी, लेकिन उक्त नंबर के आधार पर उसके छिपे होने के लोकेशन की जानकारी नहीं मिल पा रही थी। ऐसे में वहां के जोमैटो से संपर्क कर पुलिस ने आरोपित के नंबर से आर्डर किए गए सही पते के बारे में जानकारी प्राप्त की और उसके बाद उसे दबोच लिया।

क्राइम ब्रांच के डीसीपी दीपक यादव के मुताबिक गिरफ्तार आरोपित मुकेश कुमार है। वह विजय नगर, जींद, हरियाणा का रहने वाला है। उस पर दिल्ली पुलिस की तरफ से 25 हजार का इनाम था। कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित किया था। मुकेश कई सालों से रानीबाग में रहने वाले एक व्यवसायी के यहां चालक की नौकरी करता था। विश्वास जीतने के चलते अकसर मालिक उसे बैंक में पैसे जमा करने के लिए भेजते थे। 2020 में व्यवसायी ने उसे 10 लाख रुपये बैंक में जमा करने के लिए भेजा था। किंतु बैंक में जमा करने के बजाय वह नकदी लेकर चंपत हो गया था।

व्यवसायी ने इस बाबत रानीबाग थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। मोबाइल नंबर बंद कर देने के कारण पुलिस आरोपित के बारे में पता नहीं लगा पा रही थी। जींद में भी मुकेश ने अपना घर छोड़ किसी अन्य जगह रहना शुरू कर दिया था। एसीपी सुशील कुमार, इंस्पेक्टर विकास राणा, गोविंद चुचन, एसआई हरबीर सिंह, मनोज कुमार, एएसआई नरेश कुमार, प्रमोद कुमार, कुलदीप सिंह, हवलदार संजीव, योगेंद्र सिंह, दीपक, रविंदर सिंह व सुनील कुमार की टीम ने फिलहाल शुक्रवार को जींद के एक गांव से मुकेश कुमार को दबोच लिया।