गोवा के मुख्यमंत्री ने गृह और वित्त मंत्रालय को अपने पास रखा बरकरार, जानिए किसे मिले और कौन से महत्तवपूर्ण विभाग

 

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की फाइल फोटो

पणजी सीट से पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल को हराने वाले पणजी विधायक अतानासियो मोनसेरेट को राजस्व श्रम और अपशिष्ट प्रबंधन विभाग आवंटित किए गए हैं। नीलेश कैबराल को महत्वपूर्ण लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) पोर्टफोलियो आवंटित किया गया है।

पणजी, पीटीआइ। गोवा में मुख्यमंत्री की शपथ के बाद आज मंत्रालय का भी विभाजन हो गया है। गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल में प्रमोद सावंत ने गृह और वित्त विभागों को अपने पास रखा है। राज्य मंत्रिमंडल में अपने आठ मंत्री बनाए गए, जिन्हें आज मंत्रालय सौंपा गया है। रोहन खुंटे को पर्यटन, सूचना और प्रौद्योगिकी और मुद्रण और स्टेशनरी विभाग सौंपा गया है।

सावंत के साथ 28 मार्च को शपथ लेने वाले भाजपा के आठ विधायकों को विभागों के आवंटन की अधिसूचना रविवार को जारी की गई। सावंत ने गृह, वित्त, कार्मिक, सतर्कता और राजभाषा विभागों को अपने पास बरकरार रखा है। विश्वजीत राणे को शहरी विकास, महिला एवं बाल और वन विभागों के साथ महत्वपूर्ण स्वास्थ्य और नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग दिए गए हैं। 

तानासियो मोनसेरेट को मिला राजस्व और श्रम मंत्रालय

पणजी सीट से पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल को हराने वाले पणजी विधायक अतानासियो मोनसेरेट को राजस्व, श्रम और अपशिष्ट प्रबंधन विभाग आवंटित किए गए हैं।

नीलेश कैबराल को मिला पीडब्ल्यूडी मंत्रालय

अधिसूचना के अनुसार वरिष्ठ विधायक मौविन गोडिन्हो को परिवहन, उद्योग, पंचायत और प्रोटोकाल मंत्रालय दिया गया है, जबकि रवि नाइक को कृषि, हस्तशिल्प और नागरिक आपूर्ति मंत्रालय दिया गया है। नीलेश कैबराल को महत्वपूर्ण लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) पोर्टफोलियो आवंटित किया गया है। वह विधायी मामलों, पर्यावरण और कानून और न्यायपालिका के विभागों को भी संभालेंगे।

गोविंद गौडे संभालेंगे खेल और कला संस्कृति मंत्रालय

सुभाष शिरोडकर को जल संसाधन, सहकारिता और प्रोवेडोरिया (सार्वजनिक सहायता संस्थान) विभाग आवंटित किए गए हैं। गोविंद गौडे खेल, कला और संस्कृति और आरडीए मंत्रालय संभालेंगे।

मंत्रिमंडल में तीन और मंत्रियों को किया जाएगा शामिल

बता दें कि राणे, गोडिन्हो, कैबराल और गौडे 2019-22 तक सावंत के नेतृत्व वाली कैबिनेट का हिस्सा थे, जबकि खूंटे पर्रिकर के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री थे और 2019 में उन्हें कैबिनेट से हटा दिया गया था। मुख्यमंत्री राज्य मंत्रिमंडल में तीन और मंत्रियों को शामिल कर सकता है। गोवा भाजपा प्रमुख सदानंद शेत तनवड़े ने पिछले हफ्ते कहा था कि खाली पड़ी तीन कैबिनेट सीटों पर फैसला एक या दो महीने के भीतर किया जाएगा।

गौरतलब है कि गोवा में हाल ही में संपन्न चुनावों में भाजपा ने 20 सीटों पर जीत हासिल की, जो 40 सदस्यीय सदन में बहुमत से एक कम है। महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) के तीन निर्दलीय विधायकों और दो विधायकों ने भाजपा को अपना समर्थन दिया है।