दिल्ली पुलिस की शानदार पहल, थाना परिसर में खुलेंगे सामुदायिक अध्ययन केंद्र

 

दिल्ली के पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने सामुदायिक अध्ययन केंद्र का उद्घाटन किया।

पुलिस आयुक्त ने कहा कि आने वाले समय में इस तरह के केंद्र दिल्ली के सभी 178 थानों में नजर आएंगे। इस अवसर पर विशेष आयुक्त दीपेंद्र पाठक विरेंदर सिंह सागर प्रीत हुड्डा थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर धनंजय गुप्ता सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।

नई दिल्ली,  संवाददाता। बिंदापुर थाना परिसर में सामुदायिक अध्ययन केंद्र की शुरुआत की गई है। इसके तहत यहां एक पुस्तकालय व कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र खोला गया है। दिल्ली के पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने केंद्र का उद्घाटन करते हुए कहा कि उन छात्रों के लिए यह केंद्र काफी मददगार सिद्ध होगा, जिनके पास संसाधनों का अभाव है। ऐसे किशोर जो राह से भटक चुके हैं, उन्हें भी यह प्रयास समाज की मुख्य धारा से जोड़ने में काफी सहायक सिद्ध होगा। आयुक्त ने कहा कि आने वाले समय में इस तरह के केंद्र दिल्ली के सभी 178 थानों में नजर आएंगे। इस अवसर पर विशेष आयुक्त दीपेंद्र पाठक, विरेंदर सिंह, सागर प्रीत हुड्डा, थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर धनंजय गुप्ता सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।

संगम एजुकेशन सोसायटी की पहल

सामुदायिक अध्ययन केंद्र की शुरुआत करने में सबसे अधिक योगदान संगम एजुकेशन सोसायटी नामक संस्था का है। आयुक्त ने इस संस्था के संस्थापक तथा भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी कुलदीप कुमार की तारीफ की और कहा कि इससे सामुदायिक पुलिस प्रणाली के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।

विद्यार्थियों को मिलेंगी कई सुविधाएं

केंद्र में आने वाले विद्यार्थियों को इंटरनेट की सुविधा प्रदान की जाएगी। पुस्तकालय में कक्षा से जुड़ी किताबों के अलावा प्रतियोगी परीक्षा से जुड़ी पुस्तकें व पत्रिकाएं भी मिलेंगी। जो यहां व्यवसायिक कोर्स का प्रशिक्षण लेंगे, उन्हें सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाएगा। फिलहाल, यहां दो बैच शुरू किए जाएंगे।

नहीं होगा भटकाव

अभी चिंता की बात है कि अपराध के मामलों में सर्वाधिक भागीदारी ऐसे आरोपितों की सामने आ रही है जिन्होंने पहली बार अपराध की दुनिया में कदम रखा है। इनमें से कई किशोर तो, कई ऐसे होते हैं जिन्होंने हाल- फिलहाल 18 वर्ष की आयु पूरी की है। पेशेवर अपराधी अक्सर इन्हें बरगला कर अपराध के लिए प्रेरित करते हैं। इसमें कमजोर आर्थिक स्थिति, नशे की लत, गलत संगत जैसे कई कारकों का योगदान रहता है। पुलिस का मानना है कि सामुदायिक अध्ययन केंद्र किशोरों व युवाओं को भटकाव से रोकेगा।