जज हत्याकांड: अब बीसीसीएल कर्मी पप्पू हाड़ी का गुजरात में नार्को टेस्ट कराएगी सीबीआइ, मांगी इजाजत

 

कोर्ट में पेशी के दौरान हरी टी-शर्ट में पप्पू हाड़ी।

जज उत्तम आनंद की माैत 28 जुलाई की सुबह हुई थी। वह घर से सुबह की सैर पर निकले थे। धनबाद के रणधीर वर्मा चाैक पर सुबह के समय एक ऑटो ने उन्‍हें धक्का मार दिया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

विधि संवाददाता, धनबाद: जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम उत्तम आनंद की हत्या के मामले की जांच कर रही सीबीआइ की स्पेशल सेल कुस्तौर निवासी बीसीसीएल कर्मी पप्पू हाड़ी का नार्को एवं ब्रेन मैपिंग टेस्ट गांधी नगर, गुजरात में कराएगी। बुधवार को सीबीआइ की ओर से विशेष अभियोजक चंदन सिंह ने सीबीआइ के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी अभिषेक श्रीवास्तव की अदालत में आवेदन दायर कर पप्पू हाड़ी की ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट कराने की अनुमति मांगी।28 जुलाई की सुबह हुई थी मौत: जज उत्तम आनंद की माैत 28 जुलाई की सुबह हुई थी। वह घर से सुबह की सैर पर निकले थे। धनबाद के रणधीर वर्मा चाैक पर सुबह के समय एक ऑटो ने उन्‍हें धक्का मार दिया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना का सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद कोर्ट ने टिप्‍पणी की कि ऐसा प्रतीत हुआ कि यह हादसा नहीं है। जज को जानबूझकर धक्का मारा गया। इस घटना पर सुप्रीम कोर्ट और झारखंड हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया। झारखंड सरकार की अनुशंसा पर मामले की जांच की जिम्मेवारी सीबीआइ को साैंप दी गई।

पहले झारखंड सरकार द्वारा गठित एसआइटी ने मामले की जांच की। इसके बाद 4 अगस्त 2021 को सीबीआइ को जांच सौंप दी गई थी। 20 अक्टूबर को सीबीआइ ने दोनों के विरुद्ध हत्या का आरोप लगाते हुए चार्जशीट दायर कर दिया था। मालूम हो कि 28 जनवरी को सीबीआइ ने दोनों आरोपित राहुल वर्मा और लखन वर्मा से पूछताछ की इजाजत अदालत से मांगी थी।

कोर्ट को दिए आवेदन में सीबीआइ ने कहा था कि अनुसंधान के दौरान कुछ नए लीड मिले हैं, जिससे इस हत्याकांड के पीछे गहरी साजिश और मास्टरमाइंड के विषय में कई नई जानकारी मिली है। सीबीआइ ने कहा था कि यदि इस हत्याकांड में गहरी साजिश है तो पूछताछ में कुछ नया तथ्य सामने आ सकता है। सीबीआइ की दलील सुनने के बाद अदालत ने 29 जनवरी से 31 जनवरी तक जेल में दोनों आरोपियों से पूछताछ की इजाजत दी थी। कोर्ट के आदेश के आलोक में सीबीआइ ने दोनों आरोपितों से जेल में गहन पूछताछ की थी। वहीं इसके पूर्व दो बार सीबीआइ दोनों आरोपितों का नार्को टेस्ट भी करा चुकी है, लेकिन अब तक सीबीआइ हत्या के पीछे के मास्टरमाइंड का पता नहीं लगा पाई है।