दिल्ली मेरठ रैप‍िड रेल से जुड़ी अच्‍छी खबर, समय से दौड़ेगी हाई स्पीड ट्रेन; सफर के दौरान मिलेंगी कई सुविधाएं

 

दिल्ली मेरठ रैप‍िड रेल से जुड़ी अच्‍छी खबर, हाई स्पीड ट्रेन से सफर के दौरान मिलेंगी कई सुविधाएं

Delhi-Meerut Rapid Rail अधिकारियों ने दिल्ली-मेरठ के बीच हाई स्पीड से सफर करने के लिए तैयार किए जा रहे रैपिड रेल कारिडोर का जायजा लिया। कारिडोर बनने से दिल्ली से मेरठ के बीच सफर 60 मिनट में पूरा होगा और इस दौरान यह ट्रेन 25 स्टेशनों पर रुकेगी।

नई दिल्ली  surender Aggarwal। दिल्ली-मेरठ के बीच हाई स्पीड ट्रेन से सफर करने का सपना निर्धारित समय पर पूरा होगा, क्योंकि निर्माण ने अब तेजी पकड़ ली है। निर्माण की इस गति से माना जा रहा है कि रैपिड रेल कारिडोर को समय पर पूरा किया जाएगा। रविवार को केंद्रीय आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय के सचिव एवं एनसीआर परिवहन निगम के अध्यक्ष मनोज जोशी ने निगम के प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह के साथ दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कारिडोर के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण की शुरुआत सराय काले खां आरआरटीएस स्टेशन से हुई। सराय काले खां में तीन आरआरटीएस कॉरिडोर आपस में इंटरआपरेबल होंगे। वहीं यमुना नदी पर आरआरटीएस पुल के लिए किए जा रहे निर्माण कार्य और आनंद विहार आरआरटीएस स्टेशन साइट का भी अवलोकन किया।

सबसे ऊंचा होगा गाजियाबाद स्टेशन

गाजियाबाद आरआरटीएस स्टेशन कारिडोर के 25 स्टेशनों में सबसे ऊंचा और सबसे बड़ा होगा। यह कारिडोर दिल्ली मेट्रो के वायडक्ट और इस स्थान पर एक फ्लाइओवर को पार करता है। इस दौरान सचिव को अत्यधिक व्यस्त क्षेत्र में प्रस्तावित यातायात एकीकरण योजना और इस बाबत एनसीआरटीसी द्वारा की जा रही विभिन्न पहलों के बारे में उन्हें बताया गया। सचिव ने गुलधर आरआरटीएस स्टेशन और उसके पास चल रहे ट्रैक बिछाने के कार्य का भी निरीक्षण किया। दुहाई डिपो निरीक्षण का आखिरी पड़ा रहा। सचिव ने विभिन्न सुरक्षा और धूल-विरोधी उपायों सहित, विशेष रूप से प्राथमिकता खंड के निर्माण प्रगति की गति की सराहना की। सचिव को बताया गया कि 82 किमी लंबे कारिडोर के लिए वायडक्ट के सुपर स्ट्रक्चर के निर्माण के लिए 23वां लान्चिंग गैन्ट्री (तारिणी) को हाल ही में स्थापित किया गया है।

यात्रियों को मिलेगी आधुनिक सुविधाएं

सचिव ने ट्रेन में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के उपायों को ट्रेन में शामिल करने के लिए निगम के ²ष्टिकोण की सराहना की। इसके अंतर्गत क्षेत्रीय आवागमन के दौरान यात्रियों की आवश्यकताओं के लिए सामान रखने की रैक की सुविधा, हर सीट पर मोबाइल/लैपटॉप चार्जिंग सुविधा, विकलांगों के लिए व्हीलचेयर स्थान का प्रविधान और आपातकालीन चिकित्सा पारगमन के लिए स्ट्रेचर स्थान आदि और आधुनिक रेल रूट मार्ग प्रदर्शन और अन्य उपाय शामिल हैं।

जल्द शुरू होना है पूरे कारिडोर पर परिचालन

गौरतलब है कि 82 किमी लंबा यह कारिडोर सराय काले खां से मोदीपुरम डिपो के बीच बन रहा है। इसमें 68 किमी का ट्रैक उत्तर प्रदेश जबकि 14 किमी का दिल्ली में पड़ता है। पूरे कारिडोर पर परिचालन 2025 से शुरू होना है, लेकिन साहिबाबाद और दुहाई के बीच 17 किमी लंबे प्राथमिक खंड का परिचालन 2023 से प्रस्तावित है।

रोजाना 8 लाख लोगों के सफर का अनुमान

रोजाना 8 लाख लोगों के सफर का अनुमान दिल्ली से मेरठ के बीच सफर 60 मिनट में पूरा होगा और इस दौरान यह ट्रेन 25 स्टेशनों पर रुकेगी। तीन स्टेशन सराय काले खां, न्यू अशोक नगर और आनंद विहार दिल्ली जबकि शेष 21 उत्तर प्रदेश के हैं। जंगपुरा का यह नया स्टेशन जुड़ने के बाद दिल्ली में चार स्टेशन हो जाएंगे। इसके बाद यह कुल 25 स्टेशनों के यात्रियों को सीधे-सीधे फायद देगा। एक अनुमान के मुताबिक, इस रूट पर रोज 8 लाख यात्रियों के सफर करने का अनुमान है।