दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दी दिल्ली रोजी-रोटी अधिकार अभियान संगठन की चुनौती देने वाली याचिका, जानिए क्या है पूरा मामला?

 

लाभ वाली योजना का लाभ उठाने के लिए आधार को अनिवार्य बनाया जा सकता है।

दिल्ली रोजी-रोटी अधिकार अभियान संगठन ने उनकी मूल याचिका को खारिज करने के निर्णय को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि याचिका में अहम सवाल उठाया गया था कि क्या आधार अधिनियम के तहत एनएफएसए का लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य होना चाहिए।

नई दिल्ली,  संवाददाता। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए आधार को अनिवार्य करने की आवश्यकता को चुनौती देने वाली जनहित याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी व न्यायमूर्ति नवीन चावला की पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में निर्णय दिया था कि लाभ वाली योजना का लाभ उठाने के लिए आधार को अनिवार्य बनाया जा सकता है।

दिल्ली रोजी-रोटी अधिकार अभियान संगठन की अपील याचिका पर पीठ ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम उस अर्थ में एक बुनियादी ढांचा नहीं है। यह संसद द्वारा खाद्य सुरक्षा प्रदान करने की दृष्टि से कुछ वर्गों के लोगों को प्रदान किया जाता है। अब यदि वे लोगों की पहचान करने और यह सुनिश्चित करने के लिए आधार को अनिवार्य करते हैं तो इसमें गलत नहीं है।

दिल्ली रोजी-रोटी अधिकार अभियान संगठन ने उनकी मूल याचिका को खारिज करने के निर्णय को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि याचिका में अहम सवाल उठाया गया था कि क्या आधार अधिनियम के तहत एनएफएसए का लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य होना चाहिए। इस पर पीठ ने कहा कि पुट्टास्वामी और आधार अधिनियम में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बारे में हमारी समझ यह है कि यदि आप किसी भी लाभकारी योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो इसके लिए आपके पास आधार कार्ड होना आवश्यक है।

बुली बाइएप में नीरज बिश्नोई को सशर्त जमानत

पटियाला हाउस कोर्ट ने बुली बाई एप मामले के मुख्य आरोपित नीरज बिश्नोई को सशर्त जमानत दे दी है। आरोपित को गिटहब पर एप बनाकर विशेष समुदाय की महिलाओं की तस्वीरों को आपत्तिजनक टिप्पणी के साथ पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जनवरी में गिरफ्तारी के बाद से आरोपित न्यायिक हिरासत में था। मुख्य महानगर दंडाधिकारी डा. पंकज शर्मा ने कहा कि आरोपित का कोई पुराना आपराधिक रिकार्ड नहीं है। उसे इंजीनियरिंग कालेज से निलंबित भी कर दिया गया है।

ऐसे में उसे लंबे समय तक जेल में रखने पर उसके भविष्य पर बुरा असर पड़ेगा। पुलिस ने कहा कि बिश्नोई का नाम एप से जुड़े चार अन्य मामलों में भी शामिल है। बिश्नोई को 50,000 रुपये के निजी मुचलके पर इस शर्त के साथ जमानत दी गई है कि वह पीडि़त से संपर्क नहीं करेंगे या साक्ष्य से छेड़छाड़ नहीं करेगा। साथ ही जांच अधिकारी के साथ अपना स्थान साझा करेगा। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया था।