रेवाड़ी में नगर परिषद कार्यालय पहुंची विजिलेंस की टीम, अधिकारियों में मचा हड़कंप; हो सकती है गिरफ्तारी

 

स्टेट विजिलेंस ब्यूरो से आई टीम ने रिकार्ड को लिया कब्जे में, कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी

रेवाड़ी के नगर परिषद कार्यालय में पहुंची विजिलेंस की टीम ने कई अधिकारियों से पूछताछ की है। टीम ने ईओ अभय सिंह यादव से पूछताछ के बाद संबंधित रिकार्ड भी अपने कब्जे में लिया है। दो लाख रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में ये कार्रवाई की जा रही है।

रेवाड़ी,  संवाददाता। नो ड्यूज सर्टिफिकेट के नाम पर दो लाख रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में स्टेट विजिलेंस ब्यूरों की टीम बुधवार को नगर परिषद पहुंची। टीम ने नगर परिषद कार्यालय में ईओ अभय सिंह यादव से पूछताछ की तथा रिकार्ड भी अपने कब्जे में लिया है। विजिलेंस टीम ने सीसीटीवी की डीवीआर व कंप्यूटर की हार्ड डिस्क भी अपने कब्जे में ली है। विजिलेंस टीम के पहुंचने से नप कार्यालय में हड़कंप मच गया। अधिकारी व कर्मचारी इधर-उधर हो गए। यहां बता देना जरूरी है कि दो लाख रुपये रिश्वत मामले में नप ईओ अभय सिंह यादव, म्युनिसिपल इंजीनियर सोहन व एमई सोहन के पिता तथा पब्लिक हेल्थ विभाग में एसडीओ नंदलाल के खिलाफ विजिलेंस ने 29 मार्च को एफआइआर दर्ज की थी।

गिरफ्तारी से पहले हाथ मजबूत कर रही टीम

शहर के कालाका रोड विकास नगर निवासी जगदीश ने नगर परिषद में अपने चाचा के प्लाट की एनडीसी की फाइल लगाई थी। एक दो बार नहीं बल्कि पूरे चार बार नप अधिकारियों ने जगदीश की फाइल को रिजेक्ट किया। जगदीश ने नगर परिषद के एमई सोहन से संपर्क साधा तो उसने इस काम के लिए दो लाख रुपये रिश्वत की मांग की। जगदीश ने एमई के पिता व जनस्वास्थ्य विभाग में एसडीओ नंदलाल से भी बातचीत की लेकिन दोनों पिता-पुत्र रिश्वत लेने पर अड़े रहे। इतना ही नहीं जगदीश का उन दलालों से भी संपर्क कराया गया जिनके माध्यम से रिश्वत ली जानी थी। परेशान होकर जगदीश ने विजिलेंस को शिकायत दी थी।

विजिलेंस की टीम आरोपितों को पकड़ना तो रंगे हाथों चाहती थी लेकिन जगदीश ने रिश्वत मांगने वाले आरोपितों की जो रिकार्डिंग की थी वह ऐन वक्त पर लीक हो गई थी। 29 मार्च को विजिलेंस ने इस मामले में नप ईओ, एमई व एमई के पिता पर मुकदमा दर्ज किया था। अब इस मामले में बुधवार को विजिलेंस की टीम रेवाड़ी पहुंची। विजिलेंस टीम एक बार सुबह 9 बजे नप कार्यालय पहुंची लेकिन तब तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा था। इसके बाद टीम दोबारा दोपहर एक बजे के लगभग पहुंची तथा नप ईओ के कमरे में उनसे पूछताछ की। नप टीम ने एनडीसी का बहुत सा रिकार्ड अपने कब्जे में लिया है। जांच टीम में आए अधिकारी ने बताया कि साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस मामले में कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है।

अधिकारियों को सस्पेंड करने की मांग

इस मामले में भाजपा नेता सतीश खोला ने बुधवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र भेजकर एफआइआर में नामजद अधिकारियों को सस्पेंड करने की मांग की है। खोला का कहना है कि भ्रष्ट अधिकारियों के कारण सरकार की छवि प्रभावित हो रही है। इन अधिकारियों के कारण जनता के काम भी नहीं हो रहे हैं।