एलपीजी के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के लिए ‘वायु प्रदूषण सब्सिडी’ जरूरी

 

दिल्ली में प्रदूषण को दिखाती प्रतीकात्मक तस्वीर।

पर्यावरणविद् सुनीता नारायण ने वायु प्रदूषण पर एक सवाल के जवाब में कहा ‘सरकार की उज्ज्वला योजना एक बेहतरीन प्रयास है और प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) ने कहा था कि ‘मैं अमीरों से सब्सिडी लेकर गरीबों को दे रहा हूं ।

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। जानी-मानी पर्यावरणविद् सुनीता नारायण ने गरीब महिलाओं पर आर्थिक भार कम करने और ठोस ईंधन के बजाय एलपीजी के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के लिए ‘वायु प्रदूषण सब्सिडी’ की जरूरत पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण एक राजनीतिक मुद्दा है और अगर ‘हमें विकास की सही राजनीति नहीं मिलेगी’ तो लोगों को स्वच्छ हवा उपलब्ध नहीं हो सकेगी।

वायु प्रदूषण पर एक सवाल के जवाब में नारायण ने कहा, ‘सरकार की उज्ज्वला योजना एक बेहतरीन प्रयास है और प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) ने कहा था कि ‘मैं अमीरों से सब्सिडी लेकर गरीबों को दे रहा हूं और ऐसा महिलाओं को वायु प्रदूषण से बचाने के लिए कर रहा हूं।’ यह एक बहुत अच्छा कार्यकम है।’ उन्होंने कहा, ‘एलपीजी सिलेंडर लोगों तक पहुंच गया है, लेकिन वे उसे दोबारा नहीं भरवाते। समस्या यह है कि हम महिलाओं की मेहनत की कीमत नहीं समझते।’ वह इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में ‘वायु प्रदूषण : प्रभाव और निवारण’ विषयक समूह चर्चा में बोल रही थीं।

उन्होंने कहा कि जब दिल्ली में प्रदूषण की बात आती है तब ठोस ईंधन इसका कोई बहुत महत्वपूर्ण स्नोत नहीं है, लेकिन जब ग्रामीण इलाकों और उत्तर भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य की बात आती है, तब यह प्रदूषण का एक प्रमुख स्नोत है। उत्तर भारत में हवा के ‘इन्वर्जन’ की प्रकिया होती है।

क्या होता है इन्वर्जन

बता दें कि ‘इन्वर्जन’ वातावरण की वह परत है जो ऊंचाई के साथ गर्म होती जाती है। सतह के ऊपर गर्म हवा की परत द्वारा धरती के पास की ठंडी हवा फंस जाती है और जब हवा ऊपर नहीं जा पाती तो प्रदूषण कारक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है। सेंटर फार साइंस एंड एन्वायरन्मेंट की महानिदेशक ने कहा, ‘जब तक समावेशी विकास नहीं होता और महिलाएं चूल्हे के बजाय स्वच्छ ईंधन का प्रयोग नहीं करतीं, तब तक वह स्वच्छ हवा नहीं मिलेगी।