पाकिस्‍तान की सुप्रीम कोर्ट ने फ‍िर टाली सुनवाई, जानें सियासी घटनाक्रम से जुड़े ताजा अपडेट

 

पाकिस्‍तान की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई एकबार फ‍िर टल गई है। (File Photo Reuters)

पाकिस्‍तान के सुप्रीम कोर्ट ने लगातार चौथे दिन सुनवाई स्थगित कर दी। हालांकि इससे पहले शीर्ष अदालत ने राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की हालिया बैठक के मिनट्स के बारे में जानकारी मांगी। जानें बुधवार को कैसा रहा सियासी घटनाक्रम...

इस्‍लामाबाद, एजेंसियां। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने और संसद भंग करने के मामले पर बुधवार को सुनवाई की। पाकिस्‍तानी अखबार डान की रिपोर्ट के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश उमर अता बंदियाल ने पीटीआई सरकार के वकील बाबर अवान से राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की हालिया बैठक के मिनट्स के बारे में जानकारी मांगी। इस बैठक में उस पत्र पर चर्चा हुई थी जिसे कथित तौर पर विदेशी साजिश के सबूत के तौर पर पेश किया गया था।

बुधवार को सुनवाई शुरू होने पर पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश उमर अता बंदियाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट आज मामले को खत्म करना चाहता है। हालांकि यह संभव नहीं हो सका और शीर्ष अदालत को एकबार फ‍िर सुनवाई स्थगित करनी पड़ी। पाकिस्‍तान के इस बेहद संवेदनशील मसले की सुनवाई करने वाली पीठ की अध्यक्षता मुख्‍य न्यायाधीश बंदियाल कर रहे हैं। इस पीठ में न्यायमूर्ति मुनीब अख्तर, न्यायमूर्ति इजाजुल अहसन, न्यायमूर्ति मोहम्मद अली मजहर और न्यायमूर्ति जमाल खान मंडोखाइल शामिल हैं।

बुधवार को हुई सुनवाई में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी की ओर से बाबर अवान जबकि अली जफर ने राष्ट्रपति अल्वी का प्रतिनिधित्व किया। मुख्य न्यायाधीश बंदियाल ने अवान से राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की हालिया बैठक के मिनट्स बारे में जानकारी मांगी। पाकिस्‍तानी अखबार डान की रिपोर्ट के मुताबिक सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति बंदियाल ने उन आरोपों पर सवाल उठाए जिसके आधार पर डिप्‍टी स्‍पीकर ने अविश्‍वास प्रस्‍ताव को खारिज कर दिया था।

मुख्य न्यायाधीश उमर अता बंदियाल ने पूछा कि क्या स्पीकर तथ्यों को पेश किए बिना इस तरह के फैसले की घोषणा कर सकते हैं। उन्‍होंने पीटीआई के वकील से सवाल किया कि सूरी ने अपने अधिकार का प्रयोग किस आधार पर किया। इसके साथ ही उन्‍होंने पीटीआई के वकील को ठोस सबूतों के आधार पर दलीलें पेश करने की नसीहत दी। मुख्‍य न्‍यायाधीश ने कहा कि यह संवैधानिक बिंदु है जिस पर हमें फैसला लेना है। इसके साथ ही उन्‍होंने सभी पक्षों से जल्द से जल्द अपनी दलीलें पूरी करने को कहा ताकि जल्‍द कोई आदेश पारित किया जा सके...

मालूम हो कि सर्वाधिक चर्चित इस मामले में राष्ट्रपति आरिफ अल्वी, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के साथ सभी सियासी दलों को प्रतिवादी बनाया गया है। नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष कासिम सूरी के फैसले को लेकर विपक्ष हमलावर है। इस मसले पर दोनों पक्ष के वकीलों ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। जानकारों का कहना है कि यदि सर्वोच्‍च अदालत का फैसला डिप्‍टी स्‍पीकर कासिम सूरी के फैसले के खिलाफ आता है तो संसद का सत्र दोबारा बुलाया जाएगा जिसमें अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और वोटिंग होगी।

इस बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने देश के निर्वाचन आयोग से आम चुनावों की तारीखों का प्रस्ताव देने को कहा। पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग को लिखे एक पत्र में राष्ट्रपति अल्वी ने कहा कि आयोग को चुनाव कराने के लिए नेशनल असेंबली के विघटन की तारीख से 90 दिनों के बाद की तारीख तय करनी होगी। राष्ट्रपति आरिफ अल्वी की ओर से यह पहल ऐसे वक्‍त की गई है जब सर्वाधिक संवेदनशील इस मसले पर देश की सर्वोच्‍च अदालत ने खुद संज्ञान लेकर सुनवाई शुरू की है।