पंजाबी कलाकार गुरचेत चित्रकार के ससुर की बेरहमी से हत्या, नौकर ने कुल्हाड़ी से वार करके उतारा मौत के घाट

 

आरोपित सिकंदर सिंह अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। सांकेतिक चित्र।

सज्जन सिंह ने सिकंदर सिंह को नौकर रखा हुआ था। वह घर में ही खाता-पीता था और रात को कई बार वहीं रुकता था। वह घर में खाना बनाने वाली महिला पर बुरी नजर रखता था। सज्जन उसे रोकते और टोकते थे। इसी रंजिश में उसने उनकी हत्या कर दी।

संवाददाता, संगरूर। मशहूर पंजाबी कलाकार गुरचेत चित्रकार के ससुर सज्जन सिंह की उन्हीं के नौकर ने कुल्हाड़ी से वार करके हत्या कर दी है। आरोपित घर में खाना बनाने वाली महिला पर बुरी नजर रखा। सज्जन सिंह उसका विरोध करते थे। इसी का बदला लेने के लिए आरोपित ने शराब पीने के बाद उन पर कुल्हाड़ी से हला कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी तालाश शुरू कर दी है।

पुलिस को चरणपाल सिंह निवासी लिदड़ा ने बताया कि उसके पिता सज्जन सिंह करीब 24 वर्ष पहले सरकारी शिक्षक के तौर पर सेवानिवृत्त हुए थे। वह खेतीबाड़ी का काम करता है, इसलिए गांव में ही रहता है। वहीं, माता-पिता हरेड़ी रोड, गली नंबर-1, संगरूर स्थित मकान में रहते हैं। उन्होंने करीब 12-13 वर्षों से अमरजीत कौर उर्फ बेबी पत्नी बलवीर सिंह निवासी घुमियार बस्ती संगरूर को रोटी बनाने के लिए अपने पास रखा हुआ है। करीब डेढ़ वर्ष पहले मां की मौत हो गई। उसके बाद से अमरजीत कौर भी उनके पिता के पास रहने लगी।

इसके अलावा पिता ने अजीत नगर संगरूर के सिकंदर सिंह को नौकर रखा हुआ था। वह घर में ही खाता-पीता था और रात को कई बार वहीं रुकता था। हालांकि वह अमरजीत कौर पर बुरी नजर रखता था, इसके लिए अकसर उसके पिता सिकंदर को रोकते-टोकते रहते थे।

चरणपास सिंह ने बताया कि पांच अप्रैल को वह भी पिता सज्जन सिंह को मिलने के लिए प्रीत नगर आया था। रात को वह वहीं रुक गया। डिनर के बाद पिता अपने कमरे में सो गए। रात को करीब साढे 11 बजे नौकर सिकंदर सिंह दीवार फांद कर घर में दाखिल हुआ। उसने शराब पी हुई थी। सिकंदर ने पिता को कमरे से बाहर बुलाया और गाली गलौच करने लगा। इसी दौरान उसने अपने हाथ में पकड़ी कुल्हाड़ी से पिता पर वार कर दिए।हमले के बाद पिता घायल होकर नीचे गिर गए। उसके शोर मचाने पर सिकंदर सिंह घर का दरवाजा खोल कर फरार हो गया। इसके बाद तुरंत उसने अपने पिता को सिविल अस्पताल संगरूर दाखिल करवाया, जहां से उन्हें पटियाला के लिए रेफर कर दिया गया, पिता ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।