खिचड़ी खाने से स्कूल के बच्चों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

 

राजस्थान में खिचड़ी खाने से स्कूल के बच्चों की तबीयत बिगड़ी। फाइल फोटो

Rajasthan दौसा जिले के भोजपुरा की ढाणी स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल में पोषाहार खाने के बाद 22 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। हालत बिगड़ने पर बच्चों को दौसा और सिंदरा के सरकारी अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है।

संवाददाता, जयपुर। राजस्थान में दौसा जिले के भोजपुरा की ढाणी स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल में पोषाहार खाने के बाद 22 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को दौसा और सिंदरा के सरकारी अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। बृहस्पतिवार को दोपहर में बच्चों को पोषाहार के रूप में खिचड़ी खाने के लिए दी गई थी। खिचड़ी खाने के बाद अचानक बच्चों को दस्त और उनके पेट में दर्द व उल्टी होना शुरू हो गया। बच्चों की तबीयत बिगड़ती देखकर स्कूल के शिक्षकों में हड़कंप मच गया। इस संबंध में सूचना मिलने पर जिलामुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डा. सुभाष बिलोनिया और उप मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डा. दीपक शर्मा स्कूल में पहुंचे। शर्मा ने बताया कि स्कूल में बनी खिचड़ी का नमूना लिया गया है। बच्चों की खिचड़ी खाने के बाद तबीयत बिगड़ी है। स्कूली बच्चों से इस संबंध में पूछताछ की जा रही है। इस मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बच्चों को दोपहर का भोजन उपलब्ध करवाया जाता है। भोजन बनाने के लिए स्कूल में अलग से स्टाफ रखा गया है।गौरतलब है कि गर्मी के मौसम में हर आयु वर्ग के व्यक्ति को सावधान रहना चाहिए। गर्मी में हीट स्ट्रोक और फूड पाइजनिंग की चपटे में ज्यादातर लोग आ जाते हैं। लापरवाही बरतने पर मरीज की जान को जोखिम भी है। बचाव के सभी उपाय अपनाएं। बीमारी होने पर लापरवाह न बनें, चिकित्सक से परामर्श जरूर लें। गर्म हवा के थपेड़े यानि लू चलने को हीट स्ट्रोक कहते हैं। चिकित्सीय भाषा में इसे हाइपरथर्मिया कहते हैं। जिस तेजी से तापमान बढ़ रहा है, आगामी माह में लू चल सकती हैं। प्यास लगना, सिर में तेज दर्द, बुखार, उल्‍टी, श्वास तेज चलना, चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना, पेशाब कम आना, बेहोश हो जाना इसके लक्षण है। इस स्थिति से बचने के लिए खाली पेट न रहें। लू के सीधे थपेड़ों से बचें। खूब पानी-लस्सी पिएं।