दिल्ली के मुख्य सचिव विजय देव हो सकते हैं पंजाब के नए चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी, चंडीगढ़ से रहा है खास नाता

 

आइएएस विजय कुमार देव की फाइल फोटो।

दिल्ली के मुख्य सचिव विजय कुमार देव पंजाब के नए चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी हो सकते हैं। विजय कुमार देव चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार रह चुके हैं। वह जनता के बीच काफी लोकप्रिय हैं और अपनी त्वरित कार्रवाई के लिए जाने जाते हैं।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। दिल्ली के मुख्य सचिव विजय कुमार देव को पंजाब में भगवंत मान का चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी बनाकर भेजा जा सकता है। सत्ता के गलियारों में पूरी चर्चा है कि उन्हें 20 अप्रैल के बाद यह पोस्टिंग दी जा सकती है।

पंजाब की ब्यूरोक्रेसी के सीनियर अधिकारियों में यह चर्चा है कि उनके नाम पर मुहर तो लग चुकी है, लेकिन पंजाब की आम आदमी पार्टी की लीडरशिप इस फैसले से सहमत नहीं हैं।उन्होंने अरविंद केजरीवाल से कहा है कि पंजाब में बनी आम आदमी पार्टी की सरकार के बारे में पहले ही कहा जा रहा है कि यह दिल्ली से चलाई जा रही है। ऐसे में अगर दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को ही रिटायरमेंट के बाद सीएमओ में लगाया जाता है तो विपक्षी पार्टियों के आरोपों का जवाब देना मुश्किल हो जाएगा।

विजय कुमार देव ने वालंटियरली रिटायरमेंट के लिए दिसंबर 21 में आवेदन किया था। 20 अप्रैल को उन्होंने दिल्ली में स्टेट इलेक्शन कमिश्नर के रूप में ज्वाइन करना है, लेकिन इसी बीच 10 मार्च को हुए पंजाब विधानसभा चुनाव की मतगणना में राज्य में आम आदमी पार्टी की प्रचंड बहुमत से सरकार बन गई।

सूत्र बताते हैं कि अब चर्चा इस बात की चल रही है कि विजय देव को पंजाब में भेजा जाए और उनके निकटवर्ती सत्यगोपाल जो 1988 बैच के आइएएस अफसर हैं को दिल्ली में स्टेट इलेक्शन कमिश्नर लगाया जाए।

ब्यूरोक्रेसी में इस बात की भी चर्चा है कि आम आदमी पार्टी के संयोजक अपने निकटवर्ती अफसर को पंजाब के सीएमओ में बिठाना चाहते हैं। फिलहाल 1991 बैच के आइएएस अफसर ए वेणु प्रसाद के पास पंजाब के सीएमओ की जिम्मेदारी है जो एडिशनल चीफ सेक्रेटरी हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने की थी शुरुआत

पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 2017 में बनी अपनी सरकार में 1983 बैच के आइएएस अफसर सुरेश कुमार को इस पद पर लगाकर चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी लगाने की शुरुआत की थी।

सुरेश कुमार कैप्टन के 2002-07 के कार्यकाल में उनके प्रिंसिपल सेक्रेटरी रहे थे और उनके बहुत विश्वासपात्र माने जाते रहे हैं। हालांकि सुरेश कुमार की इस नियुक्ति को मोहाली के एडवोकेट रमनदीप सिंह ने चुनौती दी थी। हालांकि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में यह केस अभी भी चल रहा है।

चंडीगढ़ में रहे हैं प्रशासन के सलाहकार

बता दें, विजय देव चंडीगढ़ प्रशासक के भी सलाहकार रहे हैं। वह लोगों के बीच काफी पापुलर थे। उनकी खासियत यह थी कि वह आम आदमी के संदेशों पर भी कार्रवाई के लिए खुद उतर जाते थे। वह त्वरित एक्शन के लिए जाने जाते हैं। विजय देव जब यहां से गए तो आम लोगों ने उन्हें फेयरवेल दी थी। फिटनेस के लिए भी विजय देव जाने जाते हैं। वह खेल संबंधी गतिविधियों में पूरे मनोयोग से हिस्सा लेते हैं।