विदेश मंत्री जयशंकर ने बूचा मामले की स्वतंत्र जांच का उठाया मुद्दा, कहा-खून बहाकर कोई समाधान नहीं निकलेगा

 

बूचा घटना पर लोक सभा में बोले जयशंकर। (फोटो-एएनआइ)

विदेश मंत्री ने कहा कि भारत इस युद्ध का शांति से हल चाहता है जो केवल बातचीत से ही निकल सकता है। उन्होंने कहा कि इस युग में संवाद और कूटनीति किसी भी विवाद का सही हल निकाल सकता है।

नई दिल्ली, एएनआइ। रूस और यूक्रेन में युद्ध का आज 42वां दिन है और इस बीच रूसी सेना ने अपने हमले तेज कर दिए है। अब वहां के नागरिकों की भी इस हमले में बड़ी संख्या में जान जा रही है। इस मामले पर आज विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी बयान दिया है। जयशंकर ने कहा है कि भारत इस युद्ध का शांति से हल चाहता है जो केवल बातचीत से ही निकल सकता है।

विदेश मंत्री ने आगे कहा कि हम सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण, संघर्ष के खिलाफ हैं। हमारा मानना है कि खून बहाकर और मासूमों की जान की कीमत पर कोई समाधान नहीं निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस युग में संवाद और कूटनीति किसी भी विवाद का सही उत्तर है। मंत्री ने कहा कि अगर भारत दोनों देशों में इसके समाधान में कुछ कर सकता होगा तो वह जरूर अपनी भूमिका निभायगा।

स्वतंत्र जांच का किया समर्थन

मंत्री ने कहा कि कई सांसदों ने बूचा में हुई घटना को उनके समक्ष रखा है और वह भी इन रिपोर्टों से बहुत परेशान हैं। जयशंकर ने कहा कि हम वहां हुई हत्याओं की कड़ी निंदा करते हैं और यह एक अत्यंत गंभीर मामला है और हम एक स्वतंत्र जांच के आह्वान का समर्थन करते हैं।

बूचा में रूसी सेना पर कत्लेआम का आरोप

बता दें कि रिपोर्टों के अनुसार कीव शहर के पास बूचा शहर में बड़ी संख्या में लाशों का ढेर मिला है। वहां के मेयर का कहना है कि यहां एक सामूहिक कब्रगाह भी मिला है जहां से 280 से ज्यादा लोगों की लाशें बरामद की गई हैं जिनमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं। सैकड़ों नागरिकों को सड़कों पर, उनके घरों के पास और सामूहिक कब्रों में मृत पाया गया।

वहीं इस मामले में रूस की चारों तरफ से आलोचना हो रही है और पश्चिम से मास्को के खिलाफ प्रतिबंधों को भी बढ़ा दिया गया है।