दिल्ली स्टेट कोआपरेटिव बैंक के चार कर्मचारियों समेत पांच पर FIR, लाखों रुपये गबन का है आरोप

 

दिल्ली स्टेट कोआपरेटिव बैंक के चार कर्मचारियों समेत पांच पर FIR, लाखों रुपये गबन है आरोप

पुलिस को दी शिकायत में कृष्णा खत्री ने आरोप लगाया कि उन्हें इसी दौरान पता लगा कि आरोपित राजेश बाला दहिया बैंक के चेयरमैन की रिश्तेदार है और चेयरमैन की ओर से ही एमडी को इस संबंध में बैंक कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई न करने के निर्देश दिए गए थे।

नई दिल्ली, संवाददाता। दिल्ली के स्टेट कोआपरेटिव बैंक में खाताधारकों के खातों में लाखों के गबन को लेकर नरेला थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। मामले में बैंक कर्मी हरीश सरोहा, राजेश बाला दहिया, गजेंद्र सिंह, स्वाति महाजन व खाताधारक सुनीता सिंह को आरोपित बनाया गया है। 2016 के मामले में करीब पांच वर्ष बाद कोर्ट के आदेश के बाद नरेला थाना पुलिस की ओर से मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस को दी शिकायत में बैंक से सेवानिवृत्त सत्यवीर खत्री व उनकी पत्नी कृष्णा खत्री ने बताया कि मई 2016 में अचानक उनके खाते से 20 लाख रुपये निकालकर किसी उसी बैंक की खाताधारक सुनीता सिंह के खाते में भेज दिए गए थे।इसकी जानकारी उन्हें सितंबर 2016 में मिली।जब उन्होंने बैंक कर्मी हरीश सरोहा से इस बारे में बात की तो सरोहा ने कहा, ‘टेक्निकल गलती से पैसे ट्रांसफर हो गए है, जल्द ही पैसे वापस खाते में आ जाएंगे।फिलहाल इस बारे में पुलिस को शिकायत न करें।’ इसके बाद सत्यवीर खत्री ने कई बार बैंक के चक्कर काटे लेकिन पैसे वापस नहीं आए।इसी बीच हरीश सरोहा ड्यूटी से ही गायब हो गया।

बैंक कर्मियों ने भी उसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी।इसके करीब एक वर्ष बाद अप्रैल 2017 में एक अज्ञात व्यक्ति (ईश्वर सिंह) के खाते से सुनीता खत्री के खाते में 20 लाख 68 हजार 420 रुपये उनके खाते में डाल दिए गए।ईश्वर सिंह भी इसी बैंक में खाताधारक है।बैंक कर्मियों से पूछताछ की तो उन्होंने कुछ नहीं बताया कि किसी दूसरे खाताधारक ने उनके खाते में किस लिए पैसे डाले।इसके बाद सत्यवीर खत्री ने दिल्ली के स्टेट कोआपरेटिव बैंक दरियागंज के एमडी को उनके पैसों को लेकर बैंक कर्मियों द्वारा की गई धोखाधड़ी के संबंध में शिकायत की व पूछा कि बैंक खाताधारक ईश्वर सिंह उनके खाते में रकम वापसी या ब्याज कैसे दे सकता है। ब्याज व रकम वापसी बैंक के द्वारा की जानी चाहिए थी।इस संबंध में एमडी ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

बैंक के चेयरमैन की रिश्तेदार है आरोपित

पुलिस को दी शिकायत में कृष्णा खत्री ने आरोप लगाया कि उन्हें इसी दौरान पता लगा कि आरोपित राजेश बाला दहिया बैंक के चेयरमैन की रिश्तेदार है और चेयरमैन की ओर से ही एमडी को इस संबंध में बैंक कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई न करने के निर्देश दिए गए थे।

बैंक एमडी के पीए को भी बनाया गया है आरोपित

पुलिस को दी शिकायत में कृष्णा खत्री ने आरोप लगाया है कि आरोपित गजेंद्र दिल्ली के स्टेट कोआपरेटिव बैंक दरियागंज के एमडी का पीए है और आरोपित सुनीता सिंह का रिश्तेदार है।जिसके खाते में कृष्णा खत्री के खाते से 20 लाख रुपये निकालकर डाले गए थे।फिलहाल पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।